पटना, 06 अक्टूबर । पटना जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के बेहरावां गांव में मंगलवार को पुलिस की छापेमारी के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। पुलिस की कार्रवाई के बीच बड़ी संख्या में लोगों के पुनपुन नदी में छलांग लगाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 50 से 60 लोग पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए नदी में कूद गए। इस दौरान डूबने से दो लोगों की मौत हो गई।
घटना के बाद बेहरावां गांव में मातम, तनाव और दहशत का माहौल है। मृतकों की पहचान फुलवारी शरीफ के ढिबरा निवासी आकाश मांझी और करीब 60 वर्षीय राम मांझी के रूप में बताई गई है।
पुलिस की भारी मौजूदगी से मचा हड़कंप
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार को पुलिस की टीम ने अचानक बेहरावां गांव को चारों ओर से घेर लिया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और कार्रवाई शुरू होने के बाद गांव में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई के उद्देश्य और स्थिति को समझने से पहले ही गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कई लोग पुलिस से बचने के लिए गांव से निकलकर पुनपुन नदी की तरफ भागने लगे।
देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग नदी में उतर गए और करीब 50-60 लोगों के नदी में छलांग लगाने की बात सामने आई।
जान बचाने के लिए नदी में कूदे लोग
ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए नदी में कूदे लोगों में कई लोग तैरकर दूसरे किनारे जाने की कोशिश कर रहे थे। नदी के दोनों किनारों पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जो लोग तैरने में सक्षम थे, वे किसी तरह पुनपुन नदी के दूसरे किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हालांकि, सभी लोग सुरक्षित बाहर नहीं निकल सके।
इसी दौरान दो लोगों की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
आकाश मांझी की भी डूबने से मौत
मृतकों में आकाश मांझी भी शामिल है। बताया गया है कि वह फुलवारी शरीफ के ढिबरा का रहने वाला था और अपनी नानी के घर बेहरावां आया हुआ था।
ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के दौरान मची भगदड़ के बीच आकाश भी नदी की तरफ चला गया और अन्य लोगों के साथ नदी में कूद गया। बाद में उसकी डूबने से मौत हो गई।
दूसरे मृतक की पहचान करीब 60 वर्षीय राम मांझी के रूप में बताई गई है।
ईंट-पत्थर चलाने का भी आरोप
घटना के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच पथराव किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ लोगों की ओर से पुलिस पर ईंट-पत्थर चलाए गए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से भी नदी की तरफ ईंट-पत्थर फेंके गए। ग्रामीणों का कहना है कि इससे नदी में मौजूद लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई।
हालांकि, पुलिस की ओर से नदी में पत्थर फेंके जाने या पथराव से जुड़े इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में घटना के इस पहलू की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।
कई लोग गांव छोड़कर चले गए
ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के बाद गांव में भय का माहौल बना हुआ है। कई लोग अपने घर छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं।
वहीं, बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी किए जाने की बात भी ग्रामीणों की ओर से कही जा रही है। हालांकि, गिरफ्तार लोगों की संख्या और पुलिस कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद बेहरावां गांव में पुलिस बल की तैनाती बनी हुई है और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।

मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
दो लोगों की मौत की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर है।
ग्रामीण घटना को लेकर आक्रोशित बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान अचानक पैदा हुई स्थिति के कारण बड़ी संख्या में लोग जान बचाने के लिए नदी में कूदने को मजबूर हुए।
पुलिस कार्रवाई का उद्देश्य क्या था, स्थिति स्पष्ट नहीं
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की छापेमारी किस मामले को लेकर की गई थी और कार्रवाई के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोग नदी में क्यों कूदे।
दो लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसको लेकर भी आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। वहीं, पथराव और पुलिस की ओर से नदी की तरफ पत्थर फेंके जाने के आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद बेहरावां गांव म






