पटना, 06 अक्टूबर। राजधानी पटना में मंगलवार को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच सायरन की आवाज सुनाई देगी। यह किसी आपदा या आपात स्थिति का संकेत नहीं होगा, बल्कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से नई आपातकालीन सायरन प्रणाली का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। सायरन की अलग-अलग आवाजें करीब 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में सुनाई दे सकती हैं।
नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने आमलोगों से अपील की है कि परीक्षण के दौरान सायरन की आवाज सुनकर घबराएं नहीं और किसी तरह की अफवाह न फैलाएं।
न्यू पुनाईचक में स्थापित हुआ अत्याधुनिक सायरन सिस्टम
नई आपातकालीन सायरन प्रणाली को पटना के न्यू पुनाईचक स्थित नागरिक सुरक्षा निदेशालय के नियंत्रण कक्ष में स्थापित किया गया है। मंगलवार को इसका तकनीकी परीक्षण किया जाएगा।
इस परीक्षण के दौरान सायरन की अलग-अलग तरह की आवाजें बजाई जाएंगी, ताकि यह जांचा जा सके कि प्रणाली सही तरीके से काम कर रही है और इसकी आवाज निर्धारित दूरी तक पहुंच रही है या नहीं।
2 से 3 किलोमीटर तक सुनाई देगी आवाज
तकनीकी परीक्षण के दौरान सायरन की आवाज करीब दो से तीन किलोमीटर के दायरे में सुनाई दे सकती है। नई प्रणाली में अलग-अलग परिस्थितियों के लिए अलग-अलग प्रकार की सायरन ध्वनियां निर्धारित की गई हैं।
इनमें हमले की चेतावनी, हमला टलने जैसी सूचनाओं के संकेत भी शामिल हैं। इसके अलावा सिस्टम के माध्यम से आपात स्थिति से संबंधित सूचनाएं और आदेश भी लोगों तक पहुंचाए जा सकते हैं।
सायरन सुनकर घबराने की जरूरत नहीं
नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मंगलवार को बजने वाला सायरन किसी वास्तविक आपदा या खतरे का संकेत नहीं है।
निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनने के बाद धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। लोग अपने सामान्य कामकाज में लगे रहें।
बिजली बंद करने या कोई विशेष गतिविधि करने की जरूरत नहीं
निदेशालय के अनुसार सायरन की आवाज सुनने के बाद आमलोगों को बिजली बंद करने या किसी अन्य तरह की विशेष गतिविधि करने की आवश्यकता नहीं है।
यह पूरी प्रक्रिया केवल आपातकालीन सायरन प्रणाली की तकनीकी जांच और परीक्षण के लिए की जा रही है।
पटना में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ट्रायल
दरअसल, राजधानी पटना समेत राज्य के कई प्रमुख शहरों में नए सिरे से आपातकालीन सायरन प्रणाली स्थापित करने की योजना है। पटना में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।
मंगलवार का तकनीकी परीक्षण इसी परियोजना का हिस्सा है। परीक्षण के दौरान सिस्टम की आवाज, कवरेज और अलग-अलग सायरन संकेतों की कार्यक्षमता की जांच की जाएगी।

सफल परीक्षण के बाद अन्य शहरों में भी लगाए जाएंगे सायरन
पटना में परीक्षण सफल रहने के बाद राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी अलग-अलग स्थानों पर इस तरह के आपातकालीन सायरन सिस्टम स्थापित किए जाने की योजना है।
इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में कम से कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक चेतावनी, सूचना और जरूरी निर्देश पहुंचाना है।
आठ से नौ तरह की आवाजें निकाल सकता है सिस्टम
नागरिक सुरक्षा निदेशालय में स्थापित नई सायरन प्रणाली से आठ से नौ तरह की अलग-अलग आवाजें निकाली जा सकती हैं। अलग-अलग आवाजों का इस्तेमाल अलग-अलग आपात परिस्थितियों या चेतावनियों के लिए किया जा सकता है।
इसके अलावा सिस्टम के माध्यम से किसी तरह की सूचना या आदेश का प्रसारण भी अपेक्षाकृत लंबे दायरे तक किया जा सकता है। इससे आपदा या अन्य आपात स्थिति में लोगों तक जरूरी संदेश तेजी से पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।






