पश्चिम चंपारण, 6 अक्टूबर । बिहार के बेतिया जीएमसीएच में मां का इलाज कराने पहुंची एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में काम करने वाला एक युवक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अस्पताल से बाहर ले गया और जीएमसीएच के पीछे स्थित अपने किराए के मकान में उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को धमकी भी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो अस्पताल में इलाज करा रही उसकी मां को नुकसान पहुंचा देगा।
परिजनों की शिकायत के बाद नगर थाना पुलिस ने आरोपी युवक रवि रंजन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले की जांच की जा रही है।
मां का इलाज कराने परिवार के साथ अस्पताल आई थी बच्ची
परिजनों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को नाबालिग अपने माता-पिता के साथ अपनी मां का इलाज कराने बेतिया जीएमसीएच पहुंची थी। उसकी मां का अस्पताल में इलाज चल रहा था। इस दौरान परिवार के सदस्य अस्पताल में ही मौजूद थे।
पीड़िता के पिता ने नगर थाने में दिए आवेदन में बताया कि 4 अक्टूबर की दोपहर करीब 3:30 बजे वह अपनी पत्नी के लिए दवा और खाना लाने अस्पताल से बाहर गए थे। किसी काम के कारण उन्हें वापस लौटने में कुछ देर हो गई।
वापस लौटे पिता तो डरी-सहमी मिली बेटी
परिजनों के अनुसार, जब पिता अस्पताल लौटे तो उनकी बेटी डरी-सहमी हालत में रो रही थी। पूछताछ करने पर उसने तत्काल घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। बाद में उसकी मां और दादी ने उससे बात की, जिसके बाद बच्ची ने कथित तौर पर पूरी घटना की जानकारी दी।
पीड़िता ने परिजनों को बताया कि अस्पताल में काम करने वाला एक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ अस्पताल से बाहर ले गया था।
जीएमसीएच के पीछे किराए के मकान में ले जाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि आरोपी नाबालिग को जीएमसीएच के पीछे स्थित अपने किराए के मकान में ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
परिजनों के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची को धमकी दी कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो अस्पताल में इलाज करा रही उसकी मां को नुकसान पहुंचा देगा। इसी वजह से बच्ची घटना के बाद काफी डरी और सहमी हुई थी।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
परिजनों के आवेदन के आधार पर नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रवि रंजन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सदर एसडीपीओ ने क्या कहा?
सदर एसडीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि पीड़िता अपनी मां का इलाज कराने बेतिया जीएमसीएच आई थी। उनके अनुसार, आरोपी अस्पताल में पानी और इंसुलिन चढ़ाने का काम करता था और अस्पताल के बाहर एक निजी नर्सिंग होम में भी काम करता है।
एसडीपीओ के मुताबिक, आरोपी पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अस्पताल परिसर में बाहरी लोगों की भूमिका पर सवाल
घटना के बाद परिजनों ने जीएमसीएच की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में कई ऐसे बाहरी लोग काम करते हैं, जिनकी गतिविधियों पर निगरानी जरूरी है।
परिजनों ने अस्पताल परिसर में काम करने वाले बाहरी लोगों की पहचान और सत्यापन तथा मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
पहले भी बाहरी लोगों की गतिविधियों को लेकर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी जीएमसीएच परिसर में एक एंबुलेंस चालक को पकड़ा गया था। उस पर मरीजों को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में ले जाने का आरोप लगा था।
नाबालिग से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर अस्पताल परिसर में सक्रिय बाहरी लोगों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में आ गई है। पुलिस फिलहाल दुष्कर्म के आरोपों की जांच कर रही है और मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






