बाढ़ प्रभावित परिवारों को 12 अक्टूबर को मिलेगी अनुग्रह राशि, सीएम सम्राट चौधरी ने दिए क्षति आकलन के निर्देश

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पटना, 06 अक्टूबर। बिहार में इस वर्ष बाढ़ से हुए नुकसान और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई बैठक में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों में चलाए गए राहत एवं बचाव कार्यों तथा आगे की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर जल्द रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राहत और पुनर्वास के साथ-साथ क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के काम को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ के दूसरे चरण से प्रभावित परिवारों को 12 अक्टूबर 2026 को अनुग्रहिक राहत राशि वितरित की जाएगी।

दो चरणों में बनी बाढ़ की गंभीर स्थिति

समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग की ओर से इस वर्ष बिहार में बाढ़ की स्थिति और उसके कारणों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में इस वर्ष बाढ़ की स्थिति मुख्य रूप से दो चरणों में बनी।

पहले चरण में गंगा, सोन, घाघरा, कोसी और पुनपुन नदियों में कई स्थानों पर जलस्तर पहले के रिकॉर्ड से अधिक दर्ज किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में भारी बारिश के कारण गंडक नदी के चार स्थानों पर अब तक के उच्चतम जलस्तर दर्ज किए गए।

छह स्थानों पर तटबंधों को पहुंचा नुकसान

अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के दौरान पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण जिलों में छह स्थानों पर तटबंधों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से राहत एवं बचाव कार्य चलाए गए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बाढ़ के दौरान किए गए राहत कार्यों और प्रभावित लोगों तक पहुंचाई गई सहायता की भी जानकारी दी गई।

गंगा, गंडक और सोन में ज्यादा पानी से बढ़ी चुनौती

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस वर्ष गंगा, गंडक और सोन नदियों में पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक पानी आया। इसके कारण राज्य के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई।

मुख्यमंत्री ने नदी तल में जमा होने वाली गाद (सिल्ट) को भी बाढ़ की प्रमुख वजहों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने गाद प्रबंधन को लेकर नीति बनाई है।

नुकसान का विभागवार आकलन तैयार करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत और विभागवार आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और आवश्यक विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए नुकसान की रिपोर्ट जल्द तैयार होना जरूरी है।

आपदा प्रबंधन विभाग को सभी संबंधित विभागों से क्षति और पुनर्स्थापन पर होने वाले खर्च का आकलन कराकर समेकित रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।

इस रिपोर्ट के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों, तटबंधों, पुल-पुलियों, सरकारी परिसंपत्तियों और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे की बहाली की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

12 अक्टूबर को प्रभावित परिवारों को मिलेगी राहत राशि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैठक में बताया कि बाढ़ के दूसरे चरण से प्रभावित परिवारों को 12 अक्टूबर 2026 को अनुग्रहिक राहत राशि दी जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पात्र प्रभावित परिवारों तक राहत राशि समय पर पहुंचे और वितरण की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।

जलनिकासी के बाद की चुनौतियों पर भी नजर

मुख्यमंत्री ने बाढ़ का पानी निकलने के बाद प्रभावित इलाकों में पैदा होने वाली संभावित समस्याओं को लेकर भी अधिकारियों को पहले से तैयारी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जलनिकासी के बाद स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, सड़क और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में संबंधित विभागों को आवश्यक इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने होंगे।

नितिन नवीन ने भी राहत कार्यों की जानकारी ली

बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत और जरूरी सहायता समय पर पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।

उन्होंने प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने तथा आगे की तैयारियों को लेकर अधिकारियों और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की।

राहत के साथ पुनर्वास पर सरकार का फोकस

समीक्षा बैठक के बाद सरकार की प्राथमिकता अब केवल तत्काल राहत और बचाव तक सीमित नहीं है। क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली, पुनर्वास और भविष्य की बाढ़ से निपटने की तैयारी पर भी जोर दिया जा रहा है।

इसके लिए विभागवार नुकसान और पुनर्स्थापन लागत का आकलन तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास से जुड़े काम तेजी और प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाए जाएं।

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