पूर्वी सिंहभूम, 05 जून: परसुडीह के खासमहल से गोविंदपुर तक अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्र में सियासत तेज हो गई है। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता दुलाल भुईयां ने जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए हालिया गतिविधियों को “दिखावा” बताया है।
भाजपा के दबाव के बाद जागा प्रशासन
दुलाल भुईयां ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि खासमहल-गोविंदपुर सड़क की बदहाल स्थिति से लोग लंबे समय से परेशान हैं, लेकिन सरकार और स्थानीय विधायक ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के आंदोलन के बाद ही प्रशासन और विभागीय अधिकारी सक्रिय हुए हैं।
सड़क की हालत से जनता परेशान
उन्होंने कहा कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, धूल और अधूरा निर्माण कार्य आम लोगों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। इसके बावजूद जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने स्थिति सुधारने के लिए पहले कोई पहल नहीं की।
विधायक की कार्रवाई पर उठाए सवाल
भुईयां ने विधायक मंगल कालिंदी द्वारा अधिकारियों के साथ बैठक कर नाराजगी जताने और फटकार लगाने की कार्रवाई को “नाटक” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम जनता को गुमराह करने और सरकार की विफलताओं को छिपाने का प्रयास है।
भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही, संवेदक की अनदेखी और संभावित भ्रष्टाचार के कारण सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
जांच की मांग, आंदोलन जारी रहेगा
दुलाल भुईयां ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और सड़क निर्माण में हुई देरी तथा कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के दबाव के कारण ही अब विभागीय अधिकारी निरीक्षण और कार्य शुरू कराने की बात कर रहे हैं।
प्रदर्शन के बाद बढ़ी हलचल
उल्लेखनीय है कि गुरुवार सुबह भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था। इसके बाद विधायक मंगल कालिंदी सक्रिय हुए और विभागीय अधिकारियों व इंजीनियरों को फटकार लगाई। इसके बाद विभागीय टीम अधूरे सड़क निर्माण कार्य का जायजा लेने खासमहल-गोविंदपुर पहुंची।
यह मामला न केवल सड़क निर्माण की धीमी गति बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का भी उदाहरण बन गया है। अब देखना होगा कि इस विवाद के बीच सड़क निर्माण कार्य कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा होता है।






