बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने IAS अधिकारियों योगेश कुमार सागर और अभिलाषा शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति राज्य सरकार से मांगी है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) से प्राप्त दस्तावेजों और जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। दोनों अधिकारियों को पहले ही इस मामले में निलंबित किया जा चुका है।
जांच एजेंसियां सहरसा नगर निगम समेत कई स्थानों पर टेंडर से जुड़ी फाइलों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। हालिया छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिन्हें जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि करीब 15 कंपनियां ED की रडार पर हैं और उनकी भूमिका की पड़ताल जारी है। आरोप है कि इन कंपनियों को नियमों की अनदेखी कर बड़े सरकारी ठेके आवंटित किए गए। जांच में कुछ कंपनियों के कथित तौर पर ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।






