रांची, 22 मई। झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य में अति गरीब और वंचित परिवारों के सशक्तिकरण के लिए नई समावेशी योजना की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास के क्षेत्र में झारखंड ने जो मॉडल तैयार किया है, वह अब पूरे देश के लिए उदाहरण बन चुका है।
जेएच-एसएवाई योजना का हुआ औपचारिक शुभारंभ
मंत्री शुक्रवार को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और द नज इंस्टीट्यूट की ओर से प्रोजेक्ट भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में झारखंड समावेशी आजीविका योजना (जेएच-एसएवाई) के औपचारिक शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि यूपीएजे परियोजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डे-एनआरएलएम) के अंतर्गत ग्रेजुएशन अप्रोच का देश का पहला पायलट प्रोजेक्ट था। इसका उद्देश्य अति-गरीब और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) समुदायों का सशक्तिकरण करना था।
चार हजार परिवारों तक पहुंची योजना
मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, गोड्डा और पलामू जिलों के चार प्रखंडों में 4,000 अति-गरीब परिवारों तक महिला सामुदायिक संस्थाओं के जरिए पहुंच बनाई गई।
उन्होंने कहा कि झारखंड में इस योजना की सफलता के बाद भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार करते हुए पूरे देश में लागू करने का निर्णय लिया। वर्ष 2025 में इसे जेएच-एसएवाई के अंतर्गत उप-योजना के रूप में देशभर में शुरू किया गया।
41 हजार परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि योजना के प्रथम और द्वितीय चरण में झारखंड को कुल 41 हजार अति-गरीब परिवारों को शामिल करने की जिम्मेदारी मिली है। अगले चरण में छह जिलों के 16 हजार परिवारों तथा उसके बाद 25 हजार परिवारों को योजना से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पहले जो परिवार भूख, अभाव और असुरक्षा से जूझ रहे थे, अब सरकारी योजनाओं के जरिए उनके जीवन में स्थायी बदलाव दिखाई दे रहा है।
विभिन्न जिलों को वितरित किए गए स्वीकृति राशि के चेक
कार्यक्रम के दौरान झारखंड समावेशी आजीविका योजना के अंतर्गत विभिन्न जिलों के लिए स्वीकृति राशि के चेक वितरित किए गए।
- पूर्वी सिंहभूम : 4,800 परिवारों के लिए 13.92 करोड़ रुपये
- पलामू : 3,800 परिवारों के लिए 11.02 करोड़ रुपये
- गोड्डा : 3,300 परिवारों के लिए 9.57 करोड़ रुपये
- सिमडेगा : 1,000 परिवारों के लिए 2.90 करोड़ रुपये
- सरायकेला-खरसावां : 2,100 परिवारों के लिए 6.90 करोड़ रुपये
कार्यक्रम में कई अधिकारी और लाभुक परिवार रहे मौजूद
इस अवसर पर अरुण कुमार सिंह, जॉन पाल सहित जेएसएलपीएस के पदाधिकारी, सामुदायिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और विभिन्न जिलों से आए लाभुक परिवार मौजूद रहे।





