कैबिनेट विस्तार पर मंथन तेज, 15-15 फॉर्मूले की चर्चा
पटना/नई दिल्ली: बिहार की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार रात दिल्ली रवाना हो गए हैं। उनके इस दौरे को राज्य में संभावित कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हो गई हैं।
शाह और भाजपा नेतृत्व से होगी अहम बैठक
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पहुंचने के बाद सीएम सम्राट चौधरी की मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हो सकती है। इसके अलावा भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है।
इन बैठकों में बिहार कैबिनेट विस्तार, नए मंत्रियों के चयन और सामाजिक-राजनीतिक संतुलन पर चर्चा होने की संभावना है।
दिल्ली से पहले नीतीश कुमार से मुलाकात
दिल्ली रवाना होने से पहले सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई।
माना जा रहा है कि इस दौरान राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर रायशुमारी की गई।
15-15 फॉर्मूले पर बन सकती है नई कैबिनेट
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जदयू के बीच 15-15 मंत्रियों के फॉर्मूले पर सहमति बन सकती है।
साथ ही, कुछ पद भविष्य के समीकरणों को ध्यान में रखते हुए खाली भी रखे जा सकते हैं। एलजेपी (रा), हम और आरएलएम जैसे सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है।
6 मई पर टिकी सियासी नजरें
अब सभी की निगाहें 6 मई पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026 के बाद बिहार कैबिनेट विस्तार को लेकर स्थिति और साफ हो सकती है।
क्यों अहम है यह दौरा?
- कैबिनेट विस्तार को लेकर अंतिम रूपरेखा बन सकती है
- नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना
- गठबंधन के भीतर संतुलन साधने की कोशिश





