पटना: बिहार सरकार ने राज्य के सभी 927 राजस्व न्यायालयों के आधुनिकीकरण का बड़ा फैसला लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
सरकार के इस निर्णय के तहत अब सभी राजस्व न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सुनवाई प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बन सकेगी। डिजिटल सिस्टम लागू होने से जमीन संबंधी मामलों के निपटारे में भी तेजी आने की उम्मीद है।
हाल के महीनों में जमीन विवादों को लेकर शिकायतों में बढ़ोतरी हुई थी, वहीं कर्मचारियों की हड़ताल से भी न्यायालयों का काम प्रभावित हुआ था। ऐसे में लंबित मामलों को कम करने और व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
यह योजना डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके अलावा विजय चौधरी और विजय कुमार सिन्हा की भी इस फैसले में अहम भूमिका बताई जा रही है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को तेजी से न्याय मिल सकेगा।





