तेहरान/मास्को, 28 अप्रैल। अब्बास अराघची ने कूटनीतिक प्रयास तेज करते हुए 48 घंटे के भीतर तीसरी बार पाकिस्तान का दौरा किया है। यह घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।
पुतिन से मुलाकात के बाद तेज हुई कूटनीति
रूस दौरे के दौरान अराघची ने व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता हुई, जिसमें क्षेत्रीय तनाव, युद्ध और आक्रामकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अराघची का बार-बार इस्लामाबाद दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कूटनीतिक समाधान की कोशिशें तेज हो गई हैं।
रूस ने जताई मध्यस्थता की इच्छा
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है। वहीं उनके प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी स्पष्ट किया कि रूस क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए मध्यस्थता करने को तैयार है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है। इस क्षेत्र की सामरिक अहमियत को देखते हुए वैश्विक स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
कूटनीतिक समाधान पर जोर
अराघची ने रूस को संकट के दौरान समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और ईरान-रूस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी बताया। वहीं पुतिन ने उम्मीद जताई कि जल्द ही क्षेत्र में शांति स्थापित होगी और तनाव कम होगा।
इस पूरे घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अब कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं और कई देश समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।





