रांची, 28 अप्रैल। झारखंड हाई कोर्ट ने 54 पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण को नियम विरुद्ध मानते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ ने पुलिस मुख्यालय के तबादला आदेश (24 फरवरी 2025) को निरस्त कर दिया और सभी पुलिसकर्मियों को धनबाद जिला बल में पुनः योगदान देने का निर्देश दिया।
नियमों के उल्लंघन पर कोर्ट की सख्ती
मामले में बताया गया कि तत्कालीन एसएसपी और डीजीपी ने ‘प्रशासनिक दृष्टिकोण’ का हवाला देते हुए 54 पुलिसकर्मियों का विभिन्न जिलों में तबादला कर दिया था। प्रभावित कर्मियों ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए अदालत में चुनौती दी थी।
बिना ठोस कारण के तबादला अनुचित
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। पुलिसकर्मियों को बिना किसी स्पष्ट और ठोस आधार के हटाया गया, जिसे न्यायालय ने असंगत माना।
पुलिस मैनुअल के पालन पर जोर
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रशासनिक आधार पर तबादला करते समय पुलिस मैनुअल के प्रावधानों का पालन अनिवार्य है। केवल ‘प्रशासनिक दृष्टिकोण’ का हवाला देकर नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
पुलिस एसोसिएशन ने किया स्वागत
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत किया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि लंबे समय से तबादलों में अनियमितताएं हो रही थीं।
भविष्य के लिए मार्गदर्शक फैसला
उन्होंने कहा कि बिना ठोस कारण के तबादलों से पुलिसकर्मियों के मनोबल और पारिवारिक जीवन पर असर पड़ता है। साथ ही डीजीपी से मांग की गई कि भविष्य में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर पुलिस मैनुअल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक माना जा रहा है।





