गया में कार्यक्रम के दौरान मांझी ने साझा की निजी जिंदगी की कहानी, पारिवारिक त्याग और संघर्ष का किया जिक्र
गया: केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने अपने बेटे संतोष कुमार सुमन को लेकर बड़ा बयान दिया है। गया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोष कुमार सुमन ही उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगे। इस दौरान उन्होंने बेटे की परवरिश से जुड़ी कई भावुक और प्रेरणादायक बातें भी साझा कीं।
8 महीने की उम्र में मां को खोया
मांझी ने बताया कि जब संतोष महज 8 महीने के थे, तभी उनकी मां का निधन हो गया था। ऐसे कठिन समय में पूरे परिवार ने मिलकर उनका पालन-पोषण किया। उन्होंने कहा कि संतोष की चाची ने अपने दूध से उनका लालन-पालन किया, जो परिवार के त्याग और अपनापन का बड़ा उदाहरण है।
शिक्षा और संस्कार पर दिया विशेष ध्यान
उन्होंने बताया कि उनके भाई, जो पेशे से इंस्पेक्टर थे, ने संतोष की पढ़ाई-लिखाई में अहम भूमिका निभाई। संतोष को एक अच्छे स्कूल में शिक्षा दिलाई गई, ताकि उनका भविष्य मजबूत हो सके। मांझी ने कहा कि उन्होंने हमेशा संतोष को अपने बेटे की तरह ही देखा और उसके बेहतर भविष्य के लिए हर संभव प्रयास किया।
सौतेले रिश्तों की धारणा बदलने की कोशिश
मांझी ने समाज में सौतेले रिश्तों को लेकर बनी नकारात्मक सोच पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसे रिश्तों को गलत नजर से देखा जाता है, लेकिन उन्होंने अपने व्यवहार से इस सोच को बदलने की कोशिश की। उन्होंने संतोष को अनुशासन में रखा और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने का संकल्प
जीतन राम मांझी ने गर्व के साथ कहा कि संतोष कुमार सुमन ही उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगे। उन्होंने बताया कि जब संतोष की मां का निधन हुआ था, उसी समय उन्होंने मन में यह संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि आज संतोष अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर मंत्री पद तक पहुंचे हैं और देश व समाज की सेवा कर रहे हैं। मांझी ने इसे पूरे परिवार के त्याग और संस्कार का परिणाम बताया।





