पटना : बिहार सरकार ने राजधानी के शहरी विकास को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री Vijay Kumar Sinha ने बताया कि Patna Municipal Corporation द्वारा 200 करोड़ रुपये तक के म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के प्रस्ताव को विभागीय अनुमति दे दी गई है। अब इसे वित्त विभाग की सहमति के लिए भेजा गया है।
मंत्री के अनुसार, वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही पटना नगर निगम द्वारा बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही पटना देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां नगर निकाय म्यूनिसिपल बॉन्ड के जरिए फंड जुटाते हैं।
इससे पहले 12 जनवरी 2026 को आयोजित नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की 19वीं बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद इसे राज्य सरकार के पास भेजा गया था।
सरकार की योजना है कि बॉन्ड से जुटाई गई राशि का उपयोग केंद्र सरकार के 2026-27 बजट में घोषित अर्बन चैलेंज फंड के तहत परियोजनाओं में किया जाएगा। इनमें पटना रेलवे स्टेशन के पास न्यू मार्केट क्षेत्र के पुनर्विकास और अन्य व्यावसायिक विकास परियोजनाएं शामिल हैं।
नगर निगम ने बॉन्ड की क्रेडिट रेटिंग के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि बेहतर वित्तीय स्थिति के कारण इस बॉन्ड को AA तक की रेटिंग मिल सकती है, जिससे संस्थागत निवेशकों की रुचि बढ़ेगी।
मंत्री Vijay Kumar Sinha ने बताया कि म्यूनिसिपल बॉन्ड के कई फायदे हैं। हर 100 करोड़ रुपये के बॉन्ड पर केंद्र सरकार से 13 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन मिलता है, जो अधिकतम 26 करोड़ रुपये तक हो सकता है। इससे परियोजनाओं की लागत घटती है और यह बैंक ऋण की तुलना में अधिक किफायती विकल्प साबित होता है।
उन्होंने कहा कि बॉन्ड के जरिए ब्याज भुगतान तिमाही या अर्धवार्षिक आधार पर किया जा सकता है, जिससे वित्तीय प्रबंधन में लचीलापन आता है। साथ ही, नकदी प्रवाह के अनुसार मोराटोरियम अवधि तय करने की सुविधा भी मिलती है। इस पहल से न केवल वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा, बल्कि शहरी सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार होगा।






