रांची, 13 अप्रैल।
झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने मानव संसाधन प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा मानव संसाधन सूचना प्रणाली (एचआरआईएस) लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक
सोमवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में नेपाल हाउस स्थित उनके कक्ष में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचआरआईएस प्रणाली से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया और इसके विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि एचआरआईएस सॉफ्टवेयर का विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए।
01 अगस्त 2026 से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एचआरआईएस को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 1 अगस्त 2026 से लागू किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में इसे आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों के लिए लागू किया जाएगा।
मौजूदा व्यवस्था में कई चुनौतियां
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में मानव संसाधन से जुड़ा डेटा अलग-अलग जिलों में विभिन्न प्रारूपों में उपलब्ध है, जिससे कई समस्याएं सामने आती हैं जैसे डेटा असंगतता, निर्णय लेने में देरी और रियल-टाइम जानकारी की कमी।
केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा एचआरआईएस
इन चुनौतियों को दूर करने के लिए एचआरआईएस को एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस सिस्टम के तहत कर्मचारियों की पूरी सेवा अवधि का डिजिटल प्रबंधन किया जाएगा, जिसमें भर्ती, उपस्थिति, अवकाश, वेतन, प्रदर्शन मूल्यांकन और प्रशिक्षण जैसे मॉड्यूल शामिल होंगे। साथ ही कर्मचारियों को सेल्फ-सर्विस पोर्टल की सुविधा भी मिलेगी।
आधार आधारित बायोमेट्रिक से होगा वेतन भुगतान
नई व्यवस्था के तहत वेतन भुगतान आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
सिस्टम से होंगे कई फायदे
एचआरआईएस लागू होने से मैन्युअल कार्यों में कमी आएगी, वेतन संबंधी त्रुटियों में सुधार होगा, ट्रांसफर-पोस्टिंग में तेजी आएगी और डेटा डुप्लीकेशन में कमी होगी। इससे निर्णय प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, 104 एचआईएचएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रितेश गुप्ता समेत कई तकनीकी विशेषज्ञ और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।






