भागलपुर। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में शनिवार से दो दिवसीय कार्यशाला और सीएमई का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें देशभर के दिग्गज पैथोलॉजिस्ट और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए।
विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान प्रमुख वक्ताओं में डॉ असिताभा मंडल, डॉ स्वामीनाथन, डॉ रुपेश गुण्डवार और डॉ मनोज कहार शामिल रहे। विशेषज्ञों ने स्लाइड के माध्यम से जटिल मामलों का विस्तार से डेमो प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रीति और डॉ कुमार सुनीत ने किया।
छात्रों की सक्रिय भागीदारी
कार्यशाला में बिहार के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के स्नातकोत्तर छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) से भी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति देखी गई। लंच के बाद छात्रों ने अपने शोध कार्यों को पेपर और पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कैंसर पर गहन चर्चा
कार्यक्रम में बढ़ते कैंसर मामलों को लेकर विशेष चर्चा की गई। सॉफ्ट टिश्यू कैंसर की विभिन्न मॉर्फोलॉजिकल वैरायटी पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
डॉ स्वामीनाथन ने अपने 30 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए दुर्लभ स्लाइड्स प्रस्तुत कीं, जबकि डॉ असिताभा मंडल ने बच्चों में होने वाले ईविंग सारकोमा पर प्रकाश डाला।
डॉ रुपेश गुण्डवार ने नए पैथोलॉजिस्ट के सामने आने वाली डायग्नोसिस संबंधी चुनौतियों को समझाया, वहीं डॉ मनोज कहार ने गुजरात और राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों से जुड़े कैंसर मामलों पर जानकारी दी।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे विशेषज्ञ
इस कार्यशाला में बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों से आए पैथोलॉजिस्ट जैसे डॉ बिपिन कुमार और इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) के विभागाध्यक्ष डॉ ए.के. सिन्हा भी शामिल हुए।
रविवार को होंगे वैज्ञानिक सत्र
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ मुकेश प्रसाद साह ने किया। आयोजन के दूसरे दिन रविवार को पूरे दिन वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विभिन्न चिकित्सा विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।






