लखनऊ, 09 अप्रैल। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के संवाहक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। ऐसे में उनकी आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रदेश के निर्यात में अहम योगदान
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और देश के हथकरघा निर्यात में राज्य का लगभग 9.27 प्रतिशत योगदान है। कालीन, दरी और मैट उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है, जबकि बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट में भी मजबूत उपस्थिति है।
क्लस्टर आधारित नई कार्ययोजना पर जोर
मुख्यमंत्री ने बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये क्लस्टर उत्पादन के साथ-साथ डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को जोड़ते हुए पूरी वैल्यू चेन के रूप में विकसित किए जाएं।
तकनीक और प्रशिक्षण से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने निर्देश दिया कि बुनकरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरण और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ सके। साथ ही पंजीकृत इकाइयों के रूप में उन्हें संगठित कर सामूहिक उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स पर फोकस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स से जोड़ना जरूरी है, जिससे वे सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकें। इसके लिए ‘डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ और एक्सपोर्ट हाउस जैसे तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
बिजली लागत कम करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने पॉवरलूम बुनकरों के बिजली बिल को कम करने के लिए ठोस योजना बनाने को कहा। उन्होंने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि इससे बुनकरों को दीर्घकालिक राहत मिलेगी।
समग्र नीति से मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनकर समुदाय राज्य की परंपरा और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए एक संतुलित और पारदर्शी नीति तैयार की जाए, जिससे बुनकरों को वास्तविक लाभ मिले और उद्योग को नई गति मिल सके।






