अंतरराष्ट्रीय डेस्क: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के एलान को 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि तेहरान ने बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने का फैसला किया है।
बताया जा रहा है कि यह निर्णय लेबनान में इजरायल द्वारा किए गए ताजा हमलों के बाद लिया गया है, जिससे क्षेत्र में हालात और बिगड़ गए हैं।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
बढ़ता तनाव:
इजरायल द्वारा लेबनान में की गई सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। माना जा रहा है कि इस फैसले से अमेरिका-ईरान के बीच हालिया सीजफायर पर भी असर पड़ सकता है।
वैश्विक असर:
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, खासकर तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ेगा।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब ईरान, इजरायल और अमेरिका की अगली रणनीति पर टिकी हुई है। मध्य पूर्व में हालात कब सामान्य होंगे, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।






