रांची, 07 अप्रैल। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिम्स की जमीन की अवैध बिक्री के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपित
इस मामले में बांधगाड़ी निवासी राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, कोकर चौक आदर्श नगर के राजेश कुमार झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन की बिक्री
जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने गलत वंशावली तैयार कर निजी लाभ के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान की अधिग्रहित जमीन की धोखाधड़ी कर खरीद-बिक्री की। दस्तावेजों में हेरफेर और अवैध लेन-देन के साक्ष्य मिलने के बाद एसीबी ने कार्रवाई की।
उच्च न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई
मामले में झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर एसीबी ने कांड संख्या 01/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। कोर्ट ने राजस्व विभाग, रांची नगर निगम, निबंधन कार्यालय और आरआरडीए के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच के आदेश दिए थे।
7 एकड़ जमीन पर अवैध निर्माण
वर्ष 1964-65 में अधिग्रहित सात एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध रूप से अपार्टमेंट, दुकानें और पार्क बना दिए गए थे। कई फ्लैटों की बिक्री भी की जा चुकी थी।
पहले तोड़ी गईं अवैध इमारतें
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया था। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूरे मामले की जांच एसीबी को सौंप दी थी।
कानूनी धाराओं में दर्ज केस
चारों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 व संशोधित 2018 के तहत मामला दर्ज किया गया है।





