कहा—हर चुनौती का डटकर सामना कर रही भाजपा, सेवा-आधारित राजनीति को बताया पार्टी की पहचान
नई दिल्ली: भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्पण और बलिदान को नमन किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने हर कठिन परिस्थिति में देशसेवा का मार्ग चुना है और आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने The Emergency (India) के दौर से लेकर विभिन्न सरकारों के दमन और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में राजनीतिक हिंसा तक हर चुनौती का सामना किया है। उन्होंने कहा, “देश जानता है कि भाजपा हर चुनौती का ईमानदारी से सामना कर रही है और आगे भी करती रहेगी।”
उन्होंने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई ऐतिहासिक फैसले पार्टी की प्रतिबद्धता का परिणाम हैं। इनमें पुराने कानूनों को समाप्त करना, नया संसद भवन बनाना, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण देना, तीन तलाक पर रोक, Citizenship Amendment Act (CAA) लागू करना और Ram Mandir Ayodhya का निर्माण शामिल है।
पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी का मिशन अभी जारी है और समान नागरिक संहिता तथा ‘एक देश-एक चुनाव’ जैसे मुद्दों पर देश में गंभीर चर्चा हो रही है।
कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता हमेशा जनता के मुद्दों को उठाने में आगे रहे हैं। “उन्हें विश्वास था कि उनकी मेहनत भारत का भविष्य बेहतर बनाएगी, इसलिए उन्होंने हर कठिनाई को सहन किया और कई कार्यकर्ताओं ने तो अपने जीवन का बलिदान भी दिया,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने 1984 Indian general election का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस को भारी बहुमत मिला, लेकिन जनता ने बाद में उनके शासन से निराशा महसूस की, जिससे भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ा।
अपने संबोधन में उन्होंने Rashtriya Swayamsevak Sangh (आरएसएस) की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन से उन्हें ईमानदारी और शुद्ध विचारों के साथ राजनीति करने की प्रेरणा मिली।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने एक मजबूत कैडर-आधारित पार्टी के रूप में खुद को विकसित किया है, जहां कार्यकर्ता सेवा भावना के साथ काम करते हैं और किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता नहीं करते।





