बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 2026 में लगातार ट्रैप कर कई आरोपियों को पकड़ा

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पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। वर्ष 2026 के शुरुआती तीन महीनों में ब्यूरो ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक कुल 37 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जिनमें 32 ट्रैप केस शामिल हैं। इन कार्रवाइयों के दौरान 29 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। साथ ही रिश्वत के रूप में कुल 10 लाख 29 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।

ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पंचायती राज विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभाग शामिल हैं। सबसे अधिक 6 मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में दर्ज किए गए, जबकि पंचायती राज विभाग में 4 और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग में 3-3 मामले सामने आए।

यदि पिछले वर्ष 2025 से तुलना करें, तो उस वर्ष 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे और 107 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद हुई थी। इससे स्पष्ट होता है कि वर्ष 2026 में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और सरकार इस पर सख्त रुख अपनाए हुए है।

इसके अलावा, आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामलों में भी कार्रवाई की गई है। वर्ष 2026 में अब तक 4 ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें सरकारी अधिकारियों पर उनकी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इन मामलों में लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे रिश्वतखोरी या किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की जानकारी तुरंत ब्यूरो को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

कुल मिलाकर, वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में की गई यह कार्रवाई बिहार में पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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