रांची, 21 अगस्त । झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा में वित्तीय अनियमितता और कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा संचालन एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
80 खराब एंबुलेंस के भुगतान पर सवाल
मरांडी ने पत्र में कहा है कि राज्य में 543 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 500 एंबुलेंस के संचालन की जिम्मेदारी पांच फरवरी 2025 से पटना की सम्मान फाउंडेशन को दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 80 एंबुलेंस विभिन्न जिलों में कई-कई महीनों से खराब पड़ी हैं। इसके बावजूद इन वाहनों के लिए प्रति एंबुलेंस 93 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जा रहा है।
5.74 करोड़ रुपये के भुगतान की जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष के अनुसार, 80 खराब एंबुलेंस के कुल 618 माह के लिए करीब 5 करोड़ 74 लाख 74 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने इस भुगतान की जांच कराने और कथित अतिरिक्त राशि की वसूली की मांग की है।
पीएफ-ईएसआई और वेतन भुगतान को लेकर भी आरोप
मरांडी ने सम्मान फाउंडेशन पर फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों के पीएफ और ईएसआई मद की करीब 7 करोड़ 12 लाख रुपये की राशि जमा नहीं करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक का वेतन भी लंबित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को वेतन और ओवरटाइम भुगतान के लिए लगातार आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जल्द उच्चस्तरीय जांच कराने, सम्मान फाउंडेशन को किए गए कथित अतिरिक्त भुगतान की वसूली करने और एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।
उन्होंने कथित अनियमितता में शामिल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।






