मंईयां सम्मान योजना को लेकर नीरा यादव का सरकार पर हमला, बोलीं- वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशन पर भी ध्यान दे सरकार

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पूर्वी सिंहभूम, 21 अगस्त। झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना को लेकर पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीरा यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को जमशेदपुर दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देना सरकार की अच्छी पहल है, लेकिन इसके साथ वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लाभुकों की समस्याओं पर भी सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

पेंशन लाभुकों की समस्याओं पर सवाल

डॉ. नीरा यादव ने कहा कि सरकार मंईयां सम्मान योजना को लेकर काफी सक्रिय है, लेकिन दूसरी ओर बड़ी संख्या में वृद्ध, विधवा और दिव्यांग लाभुक समय पर पेंशन की राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है और जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सरकारी पेंशन पर निर्भर हैं, उन्हें समय पर राशि नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते लगातार ऐसे लोग उनके पास अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। कई लाभुक उनसे पूछते हैं कि उनकी वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन की राशि आखिर कब उनके खातों में आएगी।

सबसे जरूरतमंद लोगों को मिले प्राथमिकता

पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में प्राथमिकता तय करनी चाहिए और सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। महिलाओं को सम्मान और आर्थिक मजबूती देना जरूरी है, लेकिन वृद्ध, विधवा और दिव्यांग वर्ग की अनदेखी नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के लिए कमाई करना मुश्किल है, उनके लिए पेंशन महज सरकारी सहायता नहीं बल्कि जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे लाभुकों को राशि मिलने में देरी उनकी परेशानियों को और बढ़ा देती है।

बालू-खनन और शिक्षा व्यवस्था पर भी निशाना

डॉ. नीरा यादव ने राज्य में बालू और खनन से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों के साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर भी गंभीरता से काम करना चाहिए।

प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। बच्चे वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और दिन-रात मेहनत करते हैं। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर आने जैसी घटनाओं से मेहनती विद्यार्थियों का मनोबल टूटता है और व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा कमजोर होता है।

पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग

डॉ. नीरा यादव ने सरकार से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि समय पर लाभुकों के खातों में पहुंचाने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने और प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ सबसे जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे।

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