रांची, 18 अप्रैल।
झारखंड सरकार ने विदेश से पढ़कर लौटे चिकित्सकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बताया कि राज्य सरकार 2.53 करोड़ रुपये की स्टाइपेंड राशि देगी।
मुख्य बातें
- विदेशी आयुर्विज्ञान स्नातकों को मिलेगा स्टाइपेंड
- 2.53 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत
- 1 जुलाई 2023 से इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों को लाभ
- पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में होगी राशि वितरित
क्या कहा मंत्री ने
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि लंबे समय से विदेश से पढ़कर लौटे डॉक्टरों को स्टाइपेंड नहीं मिलने से उनका मनोबल प्रभावित हो रहा था। कई बार छात्रों ने अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अब सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाया है।
किसे मिलेगा लाभ
सरकार की ओर से 1 जुलाई 2023 से इंटर्नशिप कर रहे विदेशी आयुर्विज्ञान स्नातकों (FMGs) के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है। यह फंड राज्य के पांच प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वितरित किया जाएगा, जिससे सैकड़ों इंटर्न डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।
पहले क्या थी स्थिति
मंत्री ने बताया कि स्टाइपेंड की कमी के कारण कई डॉक्टर दूसरे राज्यों का रुख कर लेते थे, जिससे झारखंड में विशेषज्ञों की कमी बनी रहती थी। अब इस फैसले से यह स्थिति बदलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा बल
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से डॉक्टर राज्य में रहकर सेवाएं देंगे, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होंगी। साथ ही, चिकित्सा समुदाय में सकारात्मक संदेश जाएगा।
समान स्टाइपेंड का प्रावधान
अब राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इंटर्नशिप कर रहे FMGs को भारतीय आयुर्विज्ञान स्नातकों के समान स्टाइपेंड मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें निःशुल्क इंटर्नशिप की सुविधा भी दी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना और डॉक्टरों को उनका उचित सम्मान देना है।






