— 30 दिनों में निस्तारण का निर्देश
सारण, 02 जून। जिले के आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित एवं समयबद्ध निवारण के उद्देश्य से जिले के सभी प्रखंडों की दो-दो पंचायतों सहित कुल 40 पंचायतों में सहयोग शिविरों का आयोजन किया गया। इस दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं सारण जिले के प्रभारी मंत्री Vijendra Prasad Yadav मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
तीन पंचायतों के शिविरों का किया निरीक्षण
उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर प्रखंड की नयागांव पंचायत, दिघवारा प्रखंड की आमी पंचायत और गड़खा प्रखंड की फेरुसा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। इसी सोच के तहत पंचायत स्तर पर प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
30 दिनों में शिकायतों का निस्तारण अनिवार्य
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों और आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बताया कि सभी मामलों के समाधान के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। यदि कोई अधिकारी इस अवधि का पालन करने में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की भी सुविधा
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नागरिक अब शिविरों में आवेदन देने के साथ-साथ घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने सहयोग पोर्टल विकसित किया है, जहां आवेदन की स्थिति की निगरानी भी की जा सकती है।
विभिन्न विभागों के लगाए गए स्टॉल
शिविरों में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पंचायती राज, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आपूर्ति, ग्रामीण विकास, विद्युत तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सहित कई प्रमुख विभागों के स्टॉल लगाए गए थे।
अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याएं सुनकर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। वहीं, पूर्व में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों के लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।
जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग शिविरों तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करें, ताकि शासन और जनता के बीच संवाद और सेवा वितरण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सके।






