लखनऊ, 08 जून: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौसम की सटीक और समय पर मिलने वाली जानकारी से जन-धन की हानि को काफी हद तक रोका जा सकता है और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मौसम विभाग विश्वसनीय और सटीक आंकड़े उपलब्ध करा रहा है, जिससे आम जनता को लाभ मिल रहा है।
लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम केंद्र का शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मौसम विज्ञान के लखनऊ केंद्र को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के रूप में अपग्रेड किए जाने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में रिमोट के माध्यम से इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह और मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पारंपरिक ज्ञान से आधुनिक तकनीक तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन समय में भारतीय ऋषि-मुनि पंचांग और लोक परंपराओं के माध्यम से मौसम का सटीक अनुमान लगाते थे। लेकिन आधुनिक दौर में तकनीकी संसाधनों की मदद से और अधिक सटीक जानकारी की आवश्यकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में मौसम विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की।
ब्लॉक स्तर तक लगाए गए उपकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने जिले से लेकर ब्लॉक स्तर तक वर्षा मापने के लिए उपकरण स्थापित किए हैं, जिससे किसानों को फसलों के नुकसान का सही आकलन करने में मदद मिलती है। उन्होंने हाल ही में शाकुंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में आई बाढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि समय पर अलर्ट मिलने से लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका।

आकाशीय बिजली से मौतों में आई कमी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले प्रदेश के कुछ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती थी, लेकिन अब यह संख्या काफी कम हो गई है। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करने और सावधानी बरतने की अपील की।
रडार और तकनीकी ढांचे में तेजी से विस्तार
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में मौसम विभाग ने 136 से अधिक रडार स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में केवल 14 रडार थे, जबकि अब इनकी संख्या 150 से अधिक हो गई है और आने वाले वर्षों में यह संख्या 200 तक पहुंचने की संभावना है।
यूपी-उत्तराखंड का काम देखेगा लखनऊ केंद्र
लखनऊ मौसम केंद्र को क्षेत्रीय दर्जा मिलने के बाद अब यह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों के मौसम का पूर्वानुमान और निगरानी करेगा। इससे समय पर चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन को और मजबूती मिलेगी।
सरकार देगी हरसंभव सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश के लिए अलग से सटीक मौसम जानकारी देने वाली सैटेलाइट व्यवस्था विकसित की जाती है, तो सरकार मौसम विभाग को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
इस अवसर पर मौसम विभाग की ओर से मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का सम्मान भी किया गया।






