कोलकाता/रायगंज: राहुल गांधी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के रायगंज में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी और राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस, दोनों पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस के लिए प्रचार करने पहुंचे राहुल गांधी ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने और ‘वोट चोरी’ करने का आरोप लगाया।
रैली में राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस मिलकर देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि राज्य में युवाओं को रोजगार देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। राहुल गांधी के मुताबिक, बंगाल में 84 लाख युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है, जबकि सरकार केवल 5 लाख नौकरियां देने की बात करती है।
नोएडा घटना पर भी केंद्र को घेरा
राहुल गांधी ने नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सड़कों पर उतरे मजदूरों की आवाज़ को नजरअंदाज किया गया है।
उनके अनुसार, नोएडा में एक मजदूर की औसत मासिक आय करीब 12 हजार रुपये है, जबकि किराया 4 से 7 हजार रुपये तक पहुंच चुका है। मजदूरी में मामूली बढ़ोतरी के मुकाबले किराए में तेज वृद्धि से श्रमिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
महंगाई और लेबर कोड पर सवाल
राहुल गांधी ने बढ़ती महंगाई को आम जनता के लिए बड़ा संकट बताया। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर और जरूरी सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवारों का बजट बिगड़ गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नवंबर 2025 से लागू किए गए लेबर कोड बिना पर्याप्त चर्चा के लाए गए, जिससे काम के घंटे बढ़कर 12 घंटे तक हो गए हैं।
वैश्विक कारणों का भी जिक्र
राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और सप्लाई चेन में बाधा के कारण ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ा है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को राहत मिलती रही है।
रायगंज की इस रैली में राहुल गांधी ने भाजपा के साथ-साथ टीएमसी और वाम दलों को भी घेरते हुए कांग्रेस के लिए समर्थन मांगा और बेरोजगारी, महंगाई व श्रमिकों की समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की।






