पटना : बिहार के शिक्षा विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिसका सीधा असर अब उनकी सैलरी और रोज़मर्रा के कामकाज पर पड़ेगा। विभाग ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य कर दिया है, यानी अब वेतन का भुगतान भी इसी आधार पर होगा। अगर किसी कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज नहीं होती है, तो उसे वेतन मिलने में परेशानी हो सकती है।
नई व्यवस्था के तहत सभी कर्मचारियों को हर कार्य दिवस सुबह 9:30 बजे तक कार्यालय पहुंचना अनिवार्य होगा। देर से आने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनसे जवाब भी मांगा जाएगा। वहीं, समय से पहले ऑफिस छोड़ना भी अब आसान नहीं रहेगा। बिना अनुमति के छुट्टी लेने या कार्य समय से पहले जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
शिक्षा विभाग ने लंच टाइम भी तय कर दिया है, जो दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक रहेगा। इस दौरान ही कर्मचारी ब्रेक ले सकेंगे और इसके अलावा पूरे समय अपने कार्यस्थल पर मौजूद रहना होगा। बिना अनुमति इधर-उधर घूमते पाए जाने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, विभाग ने निरीक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया है। सभी वरीय अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों का हर 15 दिन में निरीक्षण करेंगे और उसकी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव को भेजी जाएगी।
सरकार का मकसद साफ है—कार्यालयों में अनुशासन लाना, समय की पाबंदी सुनिश्चित करना और कामकाज को पारदर्शी बनाना। अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।






