Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

बिहार के जलप्रपात बन रहे नए टूरिस्ट हॉटस्पॉट

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

  • प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ और झरनों का संगम बन रहे आकर्षण का केंद्र

पटना: बिहार के झरने और जलप्रपात अब राज्य के इको टूरिज्म का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं। आजकल ये स्थल पर्यटकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग यहां छुट्टियां बिताने तथा सुकून के पल गुजारने पहुंच रहे हैं।
राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित प्राकृतिक जलप्रपात अपनी मनोरम सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में ये पर्यटकों के लिए प्रमुख पर्यटन स्थल भी बनते जा रहे हैं। पहाड़ों से गिरता पानी, घने जंगल, ठंडी हवा और शांत वातावरण लोगों को प्रकृति के करीब आने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
रोहतास और कैमूर की पहाड़ियों में स्थित कई जलप्रपात पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। रोहतास जिले का तुतला भवानी जलप्रपात लगभग 180 फीट की ऊंचाई से गिरता है। जलप्रपात के पास स्थित तुतला भवानी मंदिर के कारण यह स्थान धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। यहां गिरते पानी की फुहार और ठंडी हवा पर्यटकों को रोमांचित कर देती है।
इसी जिले में स्थित मांझर कुंड और धुआं कुंड भी बेहद खूबसूरत प्राकृतिक झरने हैं। कैमूर की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित ये झरने प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श स्थल हैं। पहाड़ों से गिरते पानी की आवाज और आसपास का शांत वातावरण लोगों को मानसिक शांति का अनुभव कराता है।
रोहतास क्षेत्र का कशिश जलप्रपात भी अपनी ऊंचाई और प्राकृतिक संरचना के लिए प्रसिद्ध है। ऊंची पहाड़ियों से गिरता यह जलप्रपात दूर-दूर तक अपनी आवाज के लिए जाना जाता है और बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्रकृति का अद्भुत दृश्य देखने आते हैं।
कैमूर जिले में स्थित तेलहर कुंड जलप्रपात भी एक प्रमुख इको टूरिज्म स्थल बनता जा रहा है। यह जलप्रपात रोहतास पठार क्षेत्र में दुर्गावती नदी के पास स्थित है और पिकनिक एवं प्राकृतिक भ्रमण के लिए उपयुक्त स्थान माना जाता है।
इसके अलावा करकटगढ़ जलप्रपात भी कैमूर की पहाड़ियों में स्थित एक प्रसिद्ध जलप्रपात है। यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ मगरमच्छ संरक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया गया है। यहां इको पार्क और बच्चों के मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
इन जलप्रपातों और झरनों को इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। सड़क, सुरक्षा, ठहरने और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से इन स्थानों पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में ये स्थल बिहार पर्यटन की नई पहचान बन सकते हैं।

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031