पटना : भीषण गर्मी के बीच बिहार में बिजली खपत ने नया इतिहास रच दिया है। बुधवार को राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 8818 मेगावाट दर्ज की गई, जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। इससे पहले 12 जुलाई 2025 को 8560 मेगावाट बिजली खपत का रिकॉर्ड बना था, लेकिन इस बार मई महीने में ही पुराना रिकॉर्ड टूट गया।
लगातार बढ़ रही गर्मी, एसी-कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की मांग में तेजी देखी जा रही है। बिजली कंपनी के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को राज्य की बिजली मांग 8200 मेगावाट तक पहुंची थी, जबकि मंगलवार को भी यह 8000 मेगावाट के पार रही। बुधवार को अचानक मांग में और उछाल आने से नया रिकॉर्ड बन गया।
राजधानी पटना समेत गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा जैसे शहरों में बिजली की खपत सबसे अधिक दर्ज की जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियां लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल राज्य की बिजली व्यवस्था नियंत्रण में है और मांग के अनुरूप सप्लाई दी जा रही है। हालांकि विभाग ने अनुमान जताया है कि वर्ष 2026-27 की गर्मी में बिहार की पीक बिजली डिमांड 9500 से 9600 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
ऊर्जा विभाग का मानना है कि जुलाई से सितंबर के बीच मानसून और उमस भरे मौसम में बिजली खपत में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में आने वाले महीनों में राज्य की बिजली व्यवस्था सरकार और बिजली कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।






