कोलकाता, 12 मई। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार देर रात पूर्व मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले मामले में गिरफ्तार कर लिया।
10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, सुजीत बोस अपने पुत्र समुद्र बोस के साथ सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे ईडी कार्यालय पहुंचे थे। वहां अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की। करीब 10 घंटे तक चली पूछताछ के बाद देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
अवैध भर्ती और रिश्वत लेने के आरोप
ईडी के अनुसार, 2014 से 2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में लगभग 150 लोगों की कथित तौर पर अवैध नियुक्तियां की गई थीं। आरोप है कि भर्ती के बदले पैसे और फ्लैट लिए गए थे। उस समय सुजीत बोस दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष पद पर थे।
चुनाव में मिली थी हार
तीन बार बिधाननगर से विधायक रह चुके सुजीत बोस हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी से 37 हजार से अधिक मतों से चुनाव हार गए थे।
हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ईडी ने सुजीत बोस को कई नोटिस भेजे थे। उन्होंने इन नोटिसों को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी और चुनाव प्रचार में व्यस्त होने का हवाला देकर पेशी से छूट मांगी थी।
हालांकि चुनाव खत्म होने के बाद वह एक मई को सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुए थे। इसके बाद 11 मई को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया, जहां लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी हो चुकी है छापेमारी
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर सुजीत बोस के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने 2 जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में उनके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।






