नई दिल्ली, 16 मई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को यूरोपीय देश नीदरलैंड पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर स्वागत की झलकियां साझा करते हुए भारतीय समुदाय के स्नेह और उत्साह की सराहना की।
“दिल को छू लेने वाला स्वागत”
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि नीदरलैंड पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका बेहद आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा, “प्रवासी भारतीयों का अपनापन, जोश और स्नेह अभिभूत करने वाला है।”
सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखी भारत की विविधता
नीदरलैंड में भारतीय समुदाय की ओर से प्रधानमंत्री के स्वागत में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम सहित कई पारंपरिक नृत्य शैलियों की प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा गरबा नृत्य ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

व्यापार और निवेश संबंधों पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते ने व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति दी है।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
नीदरलैंड के नेताओं से करेंगे मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे।
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले पीएम मोदी- “पासपोर्ट बदल सकता है, मां भारती से जुड़ाव नहीं”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि यहां का माहौल भारत और नीदरलैंड की दोस्ती का जीवंत प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट का रंग, पता और टाइम जोन बदल सकता है, लेकिन मां भारती की संतानों की गर्मजोशी और उत्साह कभी नहीं बदलता।
“द हेग भारतीय मित्रता का प्रतीक”
प्रधानमंत्री मोदी ने सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि द हेग में भारतीय समुदाय का उत्साह और अपनापन बेहद खास है। उन्होंने कहा, “आज यहां का माहौल देखकर लग रहा है कि द हेग भारतीय मित्रता का जीवंत प्रतीक बन गया है।”वहां मौजूद लोगों का जोश देखकर मुस्कुरा उठे। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “कुछ पल के लिए मैं भूल ही गया था कि मैं नीदरलैंड में हूं। ऐसा लग रहा है कि भारत में कहीं कोई फेस्टिल चल रहा है।“
2014 के चुनाव परिणामों को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 2014 के लोकसभा चुनाव परिणामों को भी याद किया। उन्होंने कहा, “आज से 12 वर्ष पहले 16 मई 2014 को लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। लंबे समय बाद भारत में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था।” उन्होंने कहा कि देशवासियों का भरोसा उन्हें लगातार काम करने की प्रेरणा देता है।
“भारत तेजी से विकास के नए आयाम छू रहा”
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया में तेजी से विकास कर रहा है और कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया के सबसे बड़े सोलर पार्क, लंबी सुरंगें, ऊंचे पुल, बड़े एक्सप्रेसवे, विशाल मेट्रो नेटवर्क और बड़े इलेक्ट्रिफाइड रेल नेटवर्क विकसित किए जा रहे हैं।
न्होंने कहा, “आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम हैं।” उन्होंने आगे कहा, “भारत की आकांक्षाएं अब इसकी सीमाओं तक सीमित नहीं हैं।” देश के व्यापक लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है, वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना चाहता है, हरित ऊर्जा में अग्रणी बनना चाहता है और विश्व का विकास इंजन बनना चाहता है।”

पीएम मोदी ने भारत की तकनीकी और मैन्युफैक्चरिंग (उत्पादन) में हुई बढ़ोतरी पर बात की और कहा कि भारत अब एक बड़ा इनोवेशन आधारित देश बन गया है। उन्होंने कहा, “हाल के वर्षों में, भारत ने पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से 11 गुना अधिक लंबी ऑप्टिकल फाइबर बिछाई है।”
भारतीय संस्कृति पर बोले पीएम मोदी- “समय के साथ कई संस्कृतियां मिट गईं, लेकिन भारत की संस्कृति आज भी जीवंत”
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, परंपरा और प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद परिवारों की कहानी केवल प्रवासन की नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आस्था, संघर्ष और प्रगति की कहानी है।
“पूर्वज अपने साथ भारत की खुशबू लेकर गए”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्षों पहले जब भारतीय दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचे, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि महासागरों के पार जाने के बाद भी भारतीय पहचान इतनी जीवंत बनी रहेगी।
उन्होंने कहा, “आपके पूर्वज बहुत कुछ पीछे छोड़ गए, लेकिन कुछ चीजें हमेशा उनके साथ रहीं — अपनी मिट्टी की खुशबू, त्योहारों की संस्कृति, भजन की धुनें और पूर्वजों के संस्कार।”
भारतीय संस्कृति की जीवंतता का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ दुनिया की कई संस्कृतियां समाप्त हो गईं, लेकिन भारत की विविध संस्कृति आज भी लोगों के दिलों में धड़कती है।
उन्होंने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि विदेशों में रहने के बावजूद भारतीयों ने अपनी परंपराओं, भाषा और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखा है।
प्रवासी भारतीयों को बताया भारत का सांस्कृतिक दूत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में बसे भारतीय केवल भारत के नागरिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों के प्रतिनिधि भी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और संस्कारों से पूरी दुनिया में भारत की सकारात्मक पहचान मजबूत की है।
पांच देशों के दौरे पर हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय पांच देशों की यात्रा पर हैं। वह सबसे पहले संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे, जिसके बाद नीदरलैंड पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री की यह यात्रा डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के निमंत्रण पर हो रही है।
भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत
द हेग पहुंचने पर भारतीय प्रवासी समुदाय और स्थानीय कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया। नीदरलैंड में करीब 90 हजार भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जबकि वहां की विभिन्न यूनिवर्सिटियों में लगभग 3,500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे।






