–ACB कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद हाई कोर्ट से भी झटका, गिरफ्तारी की आशंका बढ़ी
रांची, 24 अप्रैल। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपित अरुण पति त्रिपाठी और अरविंद कुमार को झारखंड उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
पहले ACB कोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत
इससे पहले दोनों आरोपितों ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन वहां भी उनकी याचिका अस्वीकार कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने निचली अदालत के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला
मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।
नई शराब नीति से जुड़ा मामला
जांच एजेंसियों के अनुसार, अरुण पति त्रिपाठी राज्य सरकार की उत्पादन (एक्साइज) नीति के सलाहकार रह चुके हैं और झारखंड की नई शराब नीति के निर्माण में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ की कई प्लेसमेंट एजेंसियों को झारखंड में प्रवेश दिलाया, जिसमें नियमों की अनदेखी की गई और बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हुईं।
जांच एजेंसियां कर रही हैं लगातार कार्रवाई
शराब घोटाले की जांच में एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और कई अहम दस्तावेजों व लेन-देन की जांच की जा रही है।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें और गहरा सकती हैं।






