जमशेदपुर: जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपोड़ा–नागुड़साईं इलाके में द्वितीय विश्व युद्ध के समय का एक और जीवित बम मिलने से हड़कंप मच गया है। बुधवार देर रात बरामद हुआ यह विस्फोटक पिछले एक महीने में तीसरी ऐसी घटना है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।
मछली पकड़ने गए ग्रामीणों को दिखा बम
भीषण गर्मी के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर काफी घट गया है। बुधवार रात मछली पकड़ने गए ग्रामीणों को रेतीले तल में एक विशाल लोहे जैसी वस्तु दिखाई दी। पास जाकर देखने पर वह शक्तिशाली बम निकला। इसके बाद तुरंत पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई।
पहले भी मिल चुके हैं युद्धकालीन विस्फोटक
यह इलाका ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील रहा है। 17 मार्च को भी इसी नदी किनारे एक बम मिला था, जिसे सेना की टीम ने अमेरिकी निर्मित बताया था। इससे पहले भी एक और विस्फोटक बरामद हो चुका है। पिछली बार बम को निष्क्रिय करने में सेना को करीब आठ दिन लगे थे।
ग्रामीणों में डर, प्रशासन से बड़ी मांग
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे नदी तटीय क्षेत्र की आधुनिक उपकरणों से स्कैनिंग कराई जाए, ताकि जमीन के भीतर छिपे अन्य विस्फोटकों का पता लगाया जा सके। साथ ही, इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने तक सुरक्षा घेरा बनाए रखने की भी अपील की गई है।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। संभावना जताई जा रही है कि नदी का जलस्तर घटने से पुराने दबे हुए विस्फोटक अब सतह पर आ रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है।






