शिक्षा और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा, क्विज और रोबोटिक्स फेस्टिवल को मंजूरी, 4 जिला अस्पताल बनेंगे मेडिकल कॉलेज, हेल्थ सेक्टर में बड़ा फैसला
रांची : हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड मंत्रिपरिषद की अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, प्रशासनिक सुधार और आर्थिक प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य के समग्र विकास और तकनीकी उन्नयन पर विशेष जोर देखने को मिला।
सबसे अहम निर्णयों में विद्यार्थियों के लिए Emerging Technology आधारित राज्य स्तरीय साइंस एंड टेक्नोलॉजी क्विज के आयोजन, STEM से जुड़े महत्वपूर्ण दिवस मनाने की योजना तथा झारखंड रोबोटिक्स फेस्टिवल के आयोजन को स्वीकृति शामिल है। इससे राज्य में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए धनबाद, खूँटी, गिरिडीह और जामताड़ा के जिला अस्पतालों को PPP मोड में मेडिकल कॉलेजके रूप में विकसित करने की मंजूरी दी। वहीं विदेशी आयुर्विज्ञान स्नातकों (FMG) को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। नामकुम से डोरंडा सड़क के चौड़ीकरण के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई, जबकि जमशेदपुर में इंटर-स्टेट बस टर्मिनल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए 153 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की गई। इसके अलावा कई सड़क और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली।
प्रशासनिक स्तर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत रांची, धनबाद और डालटेनगंज में तीन विशेष न्यायालयों के लिए जिला जज स्तर के पद सृजित किए गए। साथ ही पंचम राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर 2027 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
आर्थिक मामलों में सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राक्कलन को मंजूरी दी, साथ ही झारखंड इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 को विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी गई। राज्य सरकार ने विभिन्न सरकारी उपक्रमों को दिए जाने वाले ऋण की ब्याज दर तय करने का भी निर्णय लिया है।
इसके अलावा राज्य में अवैध खनन पर रोक के लिए नियमों में संशोधन, अनधिकृत भवनों के नियमितीकरण के लिए नए नियम, पशुपालन सेवा संवर्ग में पदों के पुनर्गठन तथा Jharkhand Digital Infrastructure Corporation Ltd. के गठन को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिपरिषद ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी। वहीं एक गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्ची के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने का मानवीय निर्णय भी लिया गया।






