रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की वार्षिक यात्रा का शुभारंभ हो गया है। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली रविवार को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद धाम के लिए रवाना हुई।
वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच डोली के प्रस्थान के साथ ही पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर को करीब आठ कुंतल फूलों से सजाया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। परंपरा के अनुसार एक दिन पहले भैरवनाथ जी की पूजा-अर्चना भी संपन्न की गई।
तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी डोली
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन देगी। इसके बाद फाटा में रात्रि विश्राम किया जाएगा।
20 अप्रैल को डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम पहुंचकर मंदिर भंडार में विराजमान होगी। इसके पश्चात 22 अप्रैल को प्रातः 08 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग और बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क एवं पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, बर्फ हटाने सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं।

श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल
केदारनाथ क्षेत्र की विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, जिससे यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके। पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल है और इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के यात्रा में शामिल होने की संभावना है।






