–देशव्यापी बंद का बिहार में समर्थन, 24 घंटे बंद रहेंगी मेडिकल दुकानें
पटना, 19 मई । ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दवाओं की घर-घर सप्लाई के विरोध में बिहार सहित पूरे देश की दवा दुकानें 20 मई को 24 घंटे के लिए बंद रहेंगी।
बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार सिंह ने बताया कि ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर बिहार ने भी इस बंद को पूरा समर्थन दिया है।
40 हजार से अधिक दवा दुकानें रहेंगी बंद
एसोसिएशन के अनुसार 19 मई की रात 12 बजे से 20 मई की रात 12 बजे तक राज्य की 40 हजार से अधिक दवा दुकानें बंद रहेंगी।
पटना में करीब 7000 मेडिकल दुकानें इस बंद में शामिल होंगी। हालांकि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए अस्पतालों और नर्सिंग होम के आसपास स्थित कुछ मेडिकल दुकानें खुली रहेंगी।
ऑनलाइन कंपनियों पर लगाए गंभीर आरोप
प्रसन्न कुमार सिंह ने कहा कि दवा कारोबार में ऑनलाइन कंपनियां नकली, नशीली, डुप्लीकेट और अवैध दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जिससे समाज को बड़ा नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पर सख्त नियंत्रण की जरूरत है और केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
“ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की शिथिलता का उठा रहे लाभ”
उन्होंने कहा कि लाइसेंसी दवा दुकानदारों को विभिन्न विभागीय नियमों और निर्देशों का पालन करना पड़ता है, जबकि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म नियमों की शिथिलता का फायदा उठा रहे हैं।
उनके अनुसार दवा दुकानों में अनुभवी फार्मासिस्ट डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवाएं देते हैं, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के जरिए भी दवाओं की बिक्री हो रही है।
एआई से फर्जी प्रिस्क्रिप्शन बनने का दावा
प्रसन्न कुमार सिंह ने कहा कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से डॉक्टरों के फर्जी प्रिस्क्रिप्शन तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित और नारकोटिक्स श्रेणी की शेड्यूल H-1 दवाओं की सप्लाई भी ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है।
देशभर में 12.5 लाख दवा दुकानें होंगी बंद
एसोसिएशन के मुताबिक 20 मई को देशभर में लगभग 12.50 लाख दवा दुकानें बंद रहेंगी।
दवा दुकानदारों का कहना है कि यह बंद केवल व्यापारिक हितों के लिए नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और दवा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।






