दरभंगा, 14 मई । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को दरभंगा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परियोजना, दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) के जीर्णोद्धार कार्य और निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दरभंगा की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एम्स, दरभंगा के निर्माण कार्य और डीएमसीएच के पुनर्विकास कार्य को तेजी से पूरा किया जाए।
दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग जल्द शुरू करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ होने वाली अगली बैठक में विस्तृत चर्चा की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को दरभंगा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा जल्द शुरू कराने का निर्देश भी दिया।
“बिहार में रेफर सिस्टम खत्म करना है”
सम्राट चौधरी ने कहा कि दरभंगा एम्स के निर्माण कार्य में किसी भी तरह की बाधा आने पर उसका त्वरित समाधान किया जाए।
उन्होंने डीएमसीएच के पुनर्विकास कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूरा कराने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार में मरीजों को बाहर रेफर करने की व्यवस्था को समाप्त करना है। इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि दरभंगा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएं मरीजों को आसानी से मिलनी चाहिए।
एम्स और डीएमसीएच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत
बैठक में एम्स, दरभंगा के उप निदेशक रजनीश मिश्रा ने निर्माण कार्य की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया।
उन्होंने भू-अर्जन, सिविल वर्क, साइट प्लान, सड़क चौड़ीकरण, प्रस्तावित रिंग बांध, पेयजल और बिजली कनेक्शन समेत विभिन्न पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने डीएमसीएच के पुनर्विकास कार्य की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
उन्होंने बताया कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में 250 छात्रों का नामांकन हो रहा है और 1700 बेड वाले अस्पताल के पुनर्विकास का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।






