मधेपुरा, 14 मई। मधेपुरा जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यशैली को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने कार्य में लापरवाही, एफआईआर दर्ज करने में ढिलाई और आम लोगों की शिकायतों के प्रति उदासीन रवैये को गंभीरता से लेते हुए जिले के तीन थानाध्यक्षों को निलंबित कर दिया है।
तीन थानाध्यक्षों पर गिरी गाज
निलंबित किए गए थानाध्यक्षों में भर्राही थाना के अरमोद कुमार सिंह, बिहारीगंज थाना के कृष्ण कुमार सिंह और पुरैनी थाना के चंद्रजीत प्रभाकर शामिल हैं। एसपी ने तीनों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करते हुए निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
जांच रिपोर्ट में मिली लापरवाही की पुष्टि
एसपी संदीप सिंह ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में अपराधियों की गिरफ्तारी में सुस्ती, एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी और आम लोगों की शिकायतों के प्रति नकारात्मक रवैये की पुष्टि हुई।
उन्होंने बताया कि यह जांच रिपोर्ट एसडीपीओ मधेपुरा, एसडीपीओ उदाकिशुनगंज और डीएसपी मुख्यालय द्वारा सौंपी गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
बेहतर पुलिसिंग पर जोर
एसपी ने स्पष्ट कहा कि जिले के सभी थानाध्यक्षों और पुलिस पदाधिकारियों को अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की प्राथमिकता आम लोगों को त्वरित न्याय और बेहतर पुलिसिंग उपलब्ध कराना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी किसी प्रकार की लापरवाही या शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अपर थानाध्यक्षों को मिला अस्थायी प्रभार
प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिलहाल तीनों थानों में अपर थानाध्यक्षों को अस्थायी प्रभार सौंप दिया गया है। नियमित थानाध्यक्षों की नियुक्ति जल्द किए जाने की बात कही गई है।
सख्त कार्यशैली के रूप में देखी जा रही कार्रवाई
मधेपुरा पुलिस की इस कार्रवाई को एसपी संदीप सिंह की सख्त कार्यशैली और जवाबदेह पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।





