नई दिल्ली, 05 जून: भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने फ्रांस की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान ऑर्लियंस एयरबेस से ए-400एम सैन्य परिवहन विमान में उड़ान भरकर उसकी क्षमताओं का आकलन किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कई प्रमुख रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा दिया।
फ्रांसीसी सैन्य नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय वार्ता
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बलार्ड स्थित एयर एंड स्पेस फोर्स मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेरोम बेलेंजर के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इस दौरान उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सैन्य सम्मान प्रदान किया गया।
उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के सैन्य स्टाफ प्रमुख जनरल विंसेंट गिराउड से भी मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने ‘इकोल डी गुएरे’ और ‘इकोल मिलिटेयर’ में अधिकारियों को संबोधित किया, जहां एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मौजूद भारतीय कैडेट भी शामिल थे।
एयर कॉम्बैट सेंटर और रक्षा कंपनियों का दौरा
वायु सेना प्रमुख ने मोंट-डी-मार्सन एयर कॉम्बैट सेंटर का दौरा किया। साथ ही उन्होंने डसॉल्ट एविएशन, थेल्स, सफरान और एमबीडीए जैसी प्रमुख फ्रांसीसी रक्षा कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
भारतीय दूतावास के अनुसार, इस यात्रा से भारतीय वायु सेना और फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत हुई है।
राफेल डील पर तेज़ी
भारत ने 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने के लिए लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की बड़ी सरकारी-से-सरकारी डील के तहत फ्रांस को ‘लेटर ऑफ रिक्वेस्ट’ (LOR) जारी किया है।
इस डील के तहत 94 राफेल विमान भारत में ही एक भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी में बनाए जाएंगे। उम्मीद है कि फ्रांस अगले 2-3 महीनों में इस प्रस्ताव पर जवाब देगा और एक वर्ष के भीतर डील पूरी हो सकती है।
भारत में राफेल की संख्या बढ़ने की संभावना
वर्तमान में भारतीय वायु सेना के पास 36 राफेल विमान हैं, जबकि नौसेना 26 राफेल का ऑर्डर दे चुकी है। प्रस्तावित 114 नए विमानों के जुड़ने से कुल संख्या 176 तक पहुंच सकती है।
भारतीय नौसेना ने भविष्य में 31 और राफेल विमानों को शामिल करने की इच्छा जताई है, जिससे देश में इन उन्नत लड़ाकू विमानों की संख्या 200 के पार जा सकती है।
पीएम मोदी के संभावित फ्रांस दौरे पर नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जून मध्य में फ्रांस दौरे की संभावना है, जहां फ्रांसीसी नेतृत्व के साथ बैठकों के दौरान इस अहम रक्षा सौदे पर चर्चा हो सकती है।






