मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बिहार सरकार अब पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। राज्य की अग्निशमन सेवा की महानिदेशक शोभा ओहटकर ने सभी निजी अस्पतालों और होटलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नए निर्देशों के तहत राज्य के सभी निजी अस्पतालों को सात दिनों के भीतर अपना इलेक्ट्रिक लोड सर्टिफिकेट जमा करना होगा। यह प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करेगा कि अस्पताल की विद्युत व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप है और कहीं भी ओवरलोडिंग या तकनीकी खामी की आशंका नहीं है। अग्निशमन विभाग ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी अस्पताल में फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था में कमी या अन्य गंभीर खामियां पाई जाती हैं तो उसे सील भी किया जा सकता है।
केवल अस्पताल ही नहीं, राज्य के सभी होटल संचालकों को भी एक सप्ताह के भीतर अपने यहां उपयोग किए जा रहे गैस सिलेंडरों की संख्या और उससे जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि होटलों में गैस सिलेंडरों का उपयोग सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित होटलों के खिलाफ भी सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड के बाद अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसी के बाद सरकार ने राज्यव्यापी जांच अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अस्पतालों तथा होटलों में फायर सेफ्टी एवं बिजली सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।






