बिहार में निवेश बढ़ाने पर जोर, उद्योगों के लिए भूमि और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश :मुख्यमंत्री

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पटना: बिहार को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को उद्योगों के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना तैयार करने तथा भूमि चिह्नीकरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

निवेश के अनुकूल माहौल पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्राकृतिक संसाधनों, मानव संसाधन और बाजार की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने और उद्योगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की है।

उन्होंने अधिकारियों को उद्योगपतियों और उद्यमियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और उनके सुझावों के आधार पर नीतिगत सुधार करने को कहा।

प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उद्योगों से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में बिहार को अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए प्रशासनिक सुधार जरूरी बताए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि लाइसेंस, अनुमतियां और अन्य सुविधाएं तय समयसीमा के भीतर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा

ग्राम स्तर पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार और छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।

इन क्षेत्रों में खास संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में निम्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं:

  • फूड प्रोसेसिंग
  • टेक्सटाइल उद्योग
  • फार्मा सेक्टर
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)

इन क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने युवाओं की नवाचार क्षमता को बढ़ावा देने की बात कही। स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

भूमि अधिग्रहण में समन्वय जरूरी

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। जिलाधिकारियों को स्थानीय लोगों से संवाद कर उचित मुआवजा देकर सहमति सुनिश्चित करने को कहा गया।

निवेशकों का भरोसा बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान जरूरी है, ताकि उनका विश्वास बना रहे। नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन राशि और सुविधाएं समय पर देने के निर्देश भी दिए गए।

निष्कर्ष

सरकार की इस पहल से बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो राज्य में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

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