किशनगंज: सदर थाना क्षेत्र के माझिया स्थित नदी किनारे सोमवार को 13 वर्षीय छात्रा का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
मृतका की पहचान डुमरिया भट्टा निवासी मनोज साह की पुत्री मेघा कुमारी के रूप में हुई है, जो पिछले तीन दिनों से लापता थी।
गुमशुदगी के बाद परिजनों का आरोप
परिजनों के अनुसार, मेघा 29 मई की शाम घर से टहलने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद परिवार सदर थाना पहुंचा, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
मृतका की मां पिंकी देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बजाय यह कहकर लौटा दिया कि बच्ची किसी के साथ चली गई होगी और जल्द वापस आ जाएगी।
मामा लक्ष्मण साह के अनुसार, परिवार को तीन बार थाने का चक्कर लगाना पड़ा, लेकिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
बाद में दर्ज हुई शिकायत
परिवार ने जब पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, तब जाकर आवेदन स्वीकार किया गया। इस दौरान पुलिस ने बच्ची के सोशल मीडिया अकाउंट और नानी का मोबाइल फोन भी जांचा था।
नदी किनारे मिला शव
सोमवार दोपहर स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस को माझिया नदी किनारे एक शव मिलने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान मेघा कुमारी के रूप में की।
जांच में जुटी पुलिस
सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।
आक्रोशित लोगों का प्रदर्शन
घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर और सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की भी खबर है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम अनिकेत कुमार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक मौके पर मौजूद रहे।
कार्रवाई की मांग
परिजनों ने 24 घंटे के भीतर पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करने और मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का बयान
एसडीपीओ-1 खुसरो सिराज ने बताया कि मामले की जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा करती है। मामले में आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।






