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जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गिनाए विकास कार्यों का लेखा-जोखा

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अररिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को अररिया कॉलेज परिसर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में किए गए बिहार में विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने कहा कि 2005 के बाद राज्य में कानून का राज स्थापित किया गया है और लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं।आज बिहार में किसी प्रकार का डर एवं भय का वातावरण नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वप्रथम शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया। हमलोगों ने नियोजित शिक्षकों की बहाली की। बड़ी संख्या में नये स्कूल खोले और लड़के-लड़कियों के लिए पोशाक एवं साइकिल योजना चलायी। वर्ष 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गयी है। वर्ष 2006 से 3 लाख 68 हजार नियोजित शिक्षक बने थे जिसमें से बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 28 हजार 976 सरकारी शिक्षक बन गये।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत खराब थी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज के लिए प्रतिमाह मात्र 39 मरीज ही आते थे यानी प्रतिदिन 1 या 2 मरीज आते थे। वर्ष 2006 से अस्पतालों में मुफ्त दवा और इलाज की पूरी व्यवस्था की गयी है। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में हर महीने औसतन 11 हजार 800 मरीज आते हैं। पहले मात्र 6 मेडिकल कॉलेज थे जिनकी संख्या अब 12 हो गयी है। इस वर्ष 6 मेडिकल कॉलेज और बन जायेंगे तथा शेष 21 जिलों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी शीघ्र पूरा किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। राज्य के सुदूर क्षेत्रों से 6 घंटे में पटना पहुंचने के लक्ष्य को वर्ष 2016 में पूरा कर लिया गया है। अब राज्य में बड़ी संख्या में सड़कों, पुल-पुलियों, रेल ओवरब्रिज, बाईपास एवं एलिवेटेड रोड के निर्माण से लगभग 5 घंटे में सुदूर क्षेत्रों से पटना पहुंचना संभव हुआ है। वर्ष 2008 से कषि रोड मैप बनाकर काम किया जा रहा है जिससे कृषि के क्षेत्र में बहुत अच्छी प्रगति हुई है। वर्ष 2008 से 2012 तक पहला, 2012 से 2017 तक दूसरा 2017 से 2023 तक तीसरे कृषि रोड मैप पर काम हुआ है। अनाज का उत्पादन काफी बढ़ गया है। फल, सब्जी, दूब, अंडा, मांस एवं मछली का उत्पादन ढाई गुना से अधिक हो गया है जिससे मछली के उत्पादन में बिहार आत्मनिर्भर हो गया है। साथ ही किसानों की आय बढ़ी है। वर्तमान में चौथे कृषि रोड मैप के तहत योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में सात निश्चय के तहत आर्थिक हल-युवाओं को बल, आरक्षित रोजगार महिलाओं का अधिकार, हर घर तक बिजली, हर घर नल का जल, हर घर शौचालय, टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने तथा अवसर बढ़े आगे पढ़ें का काम किया गया है। वर्ष 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गयी। सरकार द्वारा शुरू से ही बहुत सस्ती दर पर बिजली दी जा रही है। लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में जाति आधारित गणना में 94 लाख गरीब परिवार पाये गये जिसमें अपर कास्ट, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित, महादलित एवं मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हैं। इन सभी परिवारों के रोजगार हेतु 2 लाख रुपये की सहायता दी जानी है। अब तक 83 लाख 20 हजार परिवारों को रोजगार योजनाओं से जोड़कर राशि देना शुरू किया गया है, शेष परिवारों को अगले महीने तक राशि देना शुरू कर दिया जायेगा। आवश्यकता होगी तो 2 लाख रुपये से ज्यादा राशि भी दी जायेगी। वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं एवं वर्ष 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। अब तक चार चुनाव हो चुके हैं। वर्ष 2013 से पुलिस में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया। 2016 से महिलाओं को सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

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पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी। वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया जिसे जीविका नाम दिया। अब स्वयं सहायता समूह की संख्या 11 लाख 5 हजार हो गयी है जिसमें जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 69 लाख हो गयी है। वर्ष 2024 से शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है जिनकी संख्या 77 हजार हो गयी है जिसमें लगभग 10 लाख 78 हजार जीविका दीदियाँ हैं, इसका गठन लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर महिला को 10 हजार रुपये दिये गये हैं। जिनका रोजगार अच्छा चलेगा उन्हें 2 लाख रूपये तक की सहायता दी जायेगी। अगले 5 वर्षों में युवाओं को 1 करोड़ नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराये जाएंगे। इसके लिए नये युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है। समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार के तहत अगले 5 वर्षों में उद्योग लगाने पर पूरा जोर दिया जायेगा। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जा रही है। नये बड़े उद्योगों के लिए मुफ्त भूमि एवं अनुदान दिया जा रहा है। पुरानी बं द चीनी मिलों को चालू किया जायेगा। कृषि में प्रगति प्रदेश की समृद्धि के तहत कृषि विकास के लिए पहले से ही काफी काम किया गया है। इस काम में और तेजी लाने के लिए एक नये बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गयी है।

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