खूंटी, 13 मई । गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के हार्डकोर उग्रवादी राजेश महतो उर्फ राजेश यादव को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उसके पास से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, उग्रवादी पर्चे और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इस संबंध में कर्रा थाना में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
गुप्त सूचना पर गठित की गई विशेष टीम
एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि 12 मई को सूचना मिली थी कि कर्रा थाना के प्राथमिकी अभियुक्त और पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य राजेश महतो किसी काम से खूंटी आने वाला है।
सूचना के सत्यापन और गिरफ्तारी के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, तोरपा क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
बस स्टैंड के पास पकड़ा गया उग्रवादी
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने खूंटी-तिरला मार्ग स्थित निर्माणाधीन बस स्टैंड के समीप एक संदिग्ध युवक को घूमते देखा। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम मोहन कुमार उर्फ राजेश महतो उर्फ राजेश यादव बताया।
मिट्टी में छिपाकर रखे गए थे हथियार
गिरफ्तार उग्रवादी की निशानदेही पर पुलिस ने ग्राम काटमकुकू स्थित एक नवनिर्मित मकान में मिट्टी के अंदर छिपाकर रखे गए हथियार और अन्य सामान बरामद किए।
बरामद सामानों में एक देसी पिस्टल, 7.65 बोर के दो जिंदा कारतूस, पीएलएफआई के दो पर्चे, तीन मोबाइल फोन और एक छोटा बैग शामिल है।
कई गंभीर मामलों में है आरोपी
पुलिस के अनुसार राजेश महतो के खिलाफ रांची और खूंटी जिले के बेड़ो, कर्रा, तोरपा और खूंटी थानों में छह गंभीर मामले दर्ज हैं।
इनमें एनआईए से जुड़ा मामला, आर्म्स एक्ट और उग्रवादी गतिविधियों से संबंधित कई कांड शामिल हैं।
लेवी वसूली में था सक्रिय
पुलिस ने बताया कि राजेश महतो पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में लेवी वसूली में सक्रिय रहा है। उसके मोबाइल फोन से जंगी ऐप और ट्विनमी ऐप मिले हैं, जो पूर्व में गिरफ्तार कई पीएलएफआई उग्रवादियों के मोबाइल में भी पाए गए थे।
पुलिस को आशंका है कि संगठन से जुड़े सदस्य पुलिस से बचने के लिए इन ऐप के माध्यम से आपस में संपर्क करते थे।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
एसपी ऋषभ गर्ग ने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी, ताकि संगठन के नेटवर्क और उसके संचालकों तक पहुंचकर उग्रवादी तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
छापेमारी टीम में पुलिस उपाधीक्षक रामप्रवेश कुमार, कर्रा थाना प्रभारी दीपक कांत कुमार, जरियागढ़ थाना प्रभारी विरेन्द्र कुमार, मारंगहादा थाना प्रभारी विकास जायसवाल सहित कर्रा थाना, खूंटी थाना, तकनीकी शाखा और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।





