गोरखपुर, 14 मई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के संभावित प्रभावों को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील का असर अब प्रदेश में दिखाई देने लगा है।
मुख्यमंत्री के आह्वान का पालन करते हुए गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने अब बिना एस्कॉर्ट वाहन के आना-जाना शुरू कर दिया है।
वहीं सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी अपना काफिला छोटा कर दिया है और अब केवल दो वाहनों के साथ निकल रहे हैं।
अधिकारियों ने भी शुरू किया पालन
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने भी अपने सरकारी कार्यों के दौरान एस्कॉर्ट वाहन हटाने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ लागू करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने दिए थे काफिले घटाने के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मंत्रियों के साथ बैठक में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में 50 प्रतिशत तक कटौती करने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री ने स्वयं भी इस व्यवस्था का पालन शुरू कर दिया है।
इसके तहत सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’, बड़े कार्यालयों और औद्योगिक संस्थानों में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ और 50 प्रतिशत बैठकों को वर्चुअल मोड में आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
ऊर्जा संरक्षण को बताया राष्ट्रीय दायित्व
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस अभियान से जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों को जुड़ना चाहिए।
वहीं सांसद रवि किशन शुक्ल ने अपने समर्थकों से काफिले में अतिरिक्त गाड़ियां शामिल नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का ऊर्जा संरक्षण संबंधी संदेश दूरदर्शी और समय की जरूरत है।
देवरिया में जिला पंचायत अध्यक्ष ने बस और ई-रिक्शा से किया सफर
देवरिया में जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश तिवारी ने गुरुवार को सरकारी वाहन की जगह ई-रिक्शा और बस से यात्रा की।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग समय की मांग है और आमजन को भी इसमें भागीदारी करनी चाहिए।
उधर, महराजगंज में सदर विधायक भी बुधवार को ई-रिक्शा से जिला मुख्यालय पहुंचे थे।






