नई दिल्ली, 08 जून — कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को विपक्षी इंडी गठबंधन की बैठक के बाद बताया कि दो घंटे से अधिक चली बैठक में पांच प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा और सीबीएसई से जुड़े विवादों के लिए शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार मानते हुए उनके इस्तीफे की मांग की जाएगी। साथ ही चुनावों की निष्पक्षता और कथित वोट चोरी के मामलों को लेकर देश के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया है।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इंडी गठबंधन की सातवीं बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल, तेजस्वी यादव, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
पांच मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक में निम्नलिखित प्रस्तावों पर सहमति बनी—
- चुनावों की निष्पक्षता और कथित वोट चोरी के मामलों को लेकर देश के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा जाएगा।
- नीट-यूजी और सीबीएसई से जुड़े विवादों को लेकर शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की जाएगी।
- आर्थिक संकट, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और जनहित के अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की जाएगी।
- विपक्षी दल हर दो महीने पर बैठक करेंगे। अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में आयोजित होगी।
- संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा और प्रतिदिन सुबह विपक्षी नेताओं की बैठक होगी।
25 दलों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी), माकपा, भाकपा, भाकपा (माले), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, विदुथलाई चिरुथाइगल काची, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (मणि गुट), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, भारत आदिवासी पार्टी, लोक दल, फॉरवर्ड ब्लॉक और शेतकारी कामगार पक्ष सहित कुल 25 दलों के नेताओं ने भाग लिया।
गठबंधन से अलग हो चुकी हैं तीन पार्टियां
उल्लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान इंडी गठबंधन से तीन प्रमुख दल अलग हो चुके हैं। इनमें जनता दल (यूनाइटेड), आम आदमी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) शामिल हैं। जेडीयू लोकसभा चुनाव के दौरान, आम आदमी पार्टी दिल्ली और हरियाणा विधानसभा चुनावों के समय तथा डीएमके हाल ही में तमिलनाडु चुनाव के बाद गठबंधन से दूर हो गई थी।






