पटना: बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार की ‘भव्या’ योजना बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है। भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत राज्यों से आवेदन आमंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने अगले चार महीने का विंडो खोला है। बिहार सरकार भी इस योजना में सक्रिय भागीदारी की तैयारी में जुट गई है और जल्द ही अपना प्रस्ताव केंद्र के समक्ष पेश करेगी।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली में होने वाली अहम बैठक में बिहार के अधिकारी योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। ‘भव्या’ योजना का उद्देश्य देशभर में आधुनिक “प्लग एंड प्ले” औद्योगिक पार्क विकसित करना है, ताकि उद्योगों को तैयार बुनियादी ढांचा मिल सके और वे कम समय में उत्पादन शुरू कर सकें।
योजना के पहले चरण में देशभर में 50 औद्योगिक पार्कों को मंजूरी दी जाएगी। इनमें शुरुआती दो महीनों में 20 पार्क और उसके बाद अगले दो महीनों में 30 पार्कों का चयन किया जाएगा।
बिहार सरकार पहले से इस मॉडल पर काम कर रही है। राज्य का उद्योग विभाग बिहार पिछले तीन वर्षों से ऐसे औद्योगिक ढांचे विकसित कर रहा है, जहां कंपनियों को पहले से तैयार शेड उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे उद्योगों को मशीनें लगाने और उत्पादन शुरू करने में कम समय लगता है। सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था निवेशकों को आकर्षित करने में मददगार साबित होगी।
योजना के तहत औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए प्रति एकड़ करीब एक करोड़ रुपये तक की सहायता मिलने की संभावना है। इससे बिहार में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिहार को ‘भव्या’ योजना का लाभ मिलता है तो राज्य का औद्योगिक माहौल और मजबूत होगा। साथ ही निवेश बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और रोजगार सृजन के नए रास्ते खुलेंगे।





