बिहार कैबिनेट के 22 बड़े फैसले: तीन नए केंद्रीय विद्यालय, एम्स पटना विस्तार और आरआरटीएस परियोजना को मंजूरी

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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, परिवहन और ऊर्जा से जुड़े अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, कृषि, ऊर्जा, मत्स्य पालन, डेयरी, शहरी विकास, सिंचाई और युवाओं के कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से राज्य में आधारभूत संरचना मजबूत होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

तीन नए केंद्रीय विद्यालयों को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने का रास्ता साफ कर दिया। प्रत्येक जिले में पांच-पांच एकड़ भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) को एक रुपये के टोकन लीज मूल्य पर 30 वर्षों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। लीज के नवीनीकरण का भी प्रावधान रहेगा।

एम्स पटना के विस्तार को हरी झंडी

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एम्स पटना के विस्तार को मंजूरी दी गई। दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए 348.90 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इससे सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा।

आरआरटीएस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार होगी

राज्य में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए पटना-मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और गया के बीच रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) विकसित करने का निर्णय लिया गया। परियोजना की एएआर और डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को दी गई है।

500 मेगावाट रूफटॉप सोलर परियोजना को मंजूरी

हरियाली अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और बिजली खर्च में कमी आएगी।

कृषि और मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा

  • दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 79.84 करोड़ रुपये स्वीकृत।
  • डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्री-स्टैक परियोजना के लिए 154 करोड़ रुपये मंजूर।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के लिए 44.63 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
  • बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी।

डेयरी और शहरी विकास के लिए बड़े फैसले

डेयरी विकास के तहत 56.88 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके अलावा ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए सीईपीटी विश्वविद्यालय, अहमदाबाद को तकनीकी सहायता इकाई बनाया गया है। पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में नई टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी निर्णय लिया गया।

विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए 126 करोड़ रुपये

भागलपुर स्थित विक्रमशिला सेतु की मरम्मत, बेली ब्रिज निर्माण और नए सस्पेंडेड स्लैब के निर्माण के लिए 126.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

युवाओं के लिए स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार

मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को 2026-27 से 2030-31 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

  • मोतीपुर चीनी मिल की भूमि वापसी प्रक्रिया के तहत 63.39 करोड़ रुपये के भुगतान को मंजूरी।
  • महात्मा गांधी नरेगा सामाजिक अंकेक्षण सोसाइटी को विकसित भारत-जी राम जी योजना के सामाजिक अंकेक्षण का अधिकार।
  • मुंगेर सिंघवारणी जलाशय योजना के लिए 39 एकड़ 58 डिसमिल भूमि का अंतरविभागीय हस्तांतरण।

सरकार का कहना है कि कैबिनेट के ये फैसले बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, कृषि, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास को नई गति देंगे।

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