तिरुचेंदूर (तमिलनाडु): तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले स्थित प्रसिद्ध तिरुचेंदूर सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में एक पुजारी समेत चार लोगों को निलंबित कर दिया गया है।
मंत्री ने खुद की जांच
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के मंत्री एस. रमेश ने स्वयं जांच करने का फैसला किया। वह शुक्रवार को आम श्रद्धालु बनकर मंदिर पहुंचे और 100 रुपये वाली सामान्य कतार में खड़े हो गए।
4 हजार रुपये की मांग
इस दौरान मंत्री ने वहां मौजूद पुजारी अय्यप्पन से जल्दी दर्शन कराने की बात कही। आरोप है कि पुजारी ने वीआईपी दर्शन के लिए 4,000 रुपये की मांग की और विशेष मार्ग से दर्शन कराने का आश्वासन दिया।
जीपे से किया भुगतान
जांच के तहत मंत्री ने गूगल-पे के जरिए 4,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। भुगतान के बाद पुजारी को पता चला कि पैसे देने वाले व्यक्ति खुद विभागीय मंत्री हैं। इसके बाद मौके पर ही पूछताछ शुरू कर दी गई।
पुजारी और कर्मियों पर कार्रवाई
प्रारंभिक जांच के बाद पुजारी अय्यप्पन को तत्काल निलंबित कर दिया गया और अगली सूचना तक मंदिर सेवा से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके अलावा उसकी मदद करने वाले सुरक्षाकर्मी करुप्पासामी और थोप्पु को भी सेवा से हटा दिया गया।
अन्य कर्मचारियों पर भी गिरी गाज
मामले में बाल दान (मुंडन) के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के आरोप में दो अन्य कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया है।
पहले से मिल रही थीं शिकायतें
बताया जा रहा है कि मंदिर में कुछ कर्मचारी और पुजारी श्रद्धालुओं से 4,000 से 10,000 रुपये तक लेकर उन्हें वीआईपी रास्ते से जल्दी दर्शन करा रहे थे। इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
प्रशासन सख्त, आगे भी होगी कार्रवाई
मंत्री रमेश की इस कार्रवाई के बाद मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की अवैध वसूली रोकने के लिए और कड़े कदम उठाए जाएंगे।






