पटना, 23 जून । बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि (बलिदान दिवस) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका राष्ट्रवादी चिंतन, वैचारिक दृढ़ता और बलिदान देशवासियों के लिए आज भी प्रेरणास्रोत है।
मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए समर्पित कर दिया। उनकी राष्ट्रसेवा और बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा।
राष्ट्र की एकता के लिए समर्पित था जीवन
सम्राट चौधरी ने कहा कि पंडित चाणक्य के बाद यदि किसी नेता ने देश को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया, तो उनमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अखंड भारत की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता के लिए उनका संघर्ष भारतीय राजनीति के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा में लंबे समय तक “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा केंद्रीय आधार रहा, जिसे डॉ. मुखर्जी ने दिया था।
लोकतंत्र की रक्षा में जनसंघ की भूमिका का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश में लोकतंत्र चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा था, तब जनसंघ के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। बाद में वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ और पार्टी ने राष्ट्रहित तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य किया।
अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले का किया उल्लेख
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में जनता से मिले मजबूत जनादेश के बाद जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
राष्ट्र सर्वोपरि की विचारधारा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है, उसके बाद व्यक्ति और फिर पार्टी का स्थान आता है। उन्होंने भाजपा की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1984 में लोकसभा में पार्टी के केवल दो सांसद थे, जबकि वर्ष 2014 में भाजपा 282 सांसदों के साथ देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी।
डॉ. मुखर्जी के नाम पर बनेगा भव्य पार्क
कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि अगले वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उनके नाम से एक भव्य पार्क का लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रनिर्माण में योगदान और उनके आदर्शों को समर्पित होगा।
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।






